भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार की मांग उठाई, कहा- मौजूदा वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप हो बदलाव
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार की मांग उठाई, कहा- मौजूदा वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप हो बदलाव
न्यूयॉर्क/नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में व्यापक और तत्काल सुधार की मांग करते हुए कहा है कि परिषद की संरचना और निर्णय लेने की प्रक्रिया को वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। भारत का मानना है कि विकासशील देशों और वैश्विक दक्षिण (Global South) को अंतरराष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा परिषद लगभग 80 वर्ष पुराने ढांचे पर आधारित है, जो आज की बहुध्रुवीय दुनिया की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक संघर्षों को रोकने और शांति बनाए रखने में परिषद की सीमित भूमिका के कारण संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
भारत ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार केवल सदस्य देशों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि निर्णय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, लोकतांत्रिक और प्रभावी बनाने की भी आवश्यकता है। भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के विस्तार और विकासशील देशों को उचित प्रतिनिधित्व देने की वकालत करता रहा है।
भारत ने यह भी कहा कि 21वीं सदी की वास्तविकताओं को देखते हुए वैश्विक संस्थाओं में सुधार समय की मांग है और इससे बहुपक्षीय व्यवस्था (Multilateralism) को मजबूती मिलेगी।
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