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भारत की डिजिटल गवर्नेंस क्रांति ने कारोबार करना बनाया आसान, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिली नई रफ्तार

7/22/2026 05:28:00 PM

 


कभी जटिल कागजी प्रक्रियाओं, कई विभागों की मंजूरियों और लंबी प्रशासनिक देरी के लिए पहचाने जाने वाले भारत का कारोबारी माहौल पिछले एक दशक में तेजी से बदला है। डिजिटल गवर्नेंस और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के विस्तार ने देश में कारोबार करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनाया है। सरकार का कहना है कि डिजिटल सुधार अब केवल कागजी कार्रवाई कम करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक ऐसा कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया गया है, जहां व्यवसाय तेजी, पारदर्शिता और पूर्वानुमेय व्यवस्था के साथ संचालित हो सकें।


इस बदलाव के तहत कंपनी पंजीकरण, कराधान, सरकारी खरीद, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल भुगतान सहित कारोबार के लगभग हर चरण को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) के जरिए विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों की स्वीकृतियों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है, जिससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। वहीं MCA21 पोर्टल ने कंपनी अनुपालन और फाइलिंग प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाकर पारदर्शिता बढ़ाने और प्रक्रियागत देरी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


भारत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म का आपस में जुड़ा हुआ ढांचा भी शामिल है। GSTN, UPI, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) और उद्यम पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म अलग-अलग काम करने के बजाय एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्य कर रहे हैं। इससे सभी आकार के व्यवसायों के लिए एकीकृत डिजिटल इकोसिस्टम तैयार हुआ है। उद्यम पोर्टल पर लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) का पंजीकरण हुआ है, जबकि GeM के माध्यम से सरकारी खरीद रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है और UPI ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को वैश्विक पहचान दिलाई है।


डिजिटल सुधारों का सबसे अधिक लाभ MSME क्षेत्र को मिला है। पहले जहां छोटे उद्यम बाजार और वित्तीय संसाधनों तक सीमित पहुंच के कारण कई चुनौतियों का सामना करते थे, वहीं अब डिजिटल पंजीकरण, आसान अनुपालन और सरकारी खरीद प्लेटफॉर्म तक पहुंच ने नए उद्यमियों के लिए अवसरों का विस्तार किया है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा मिला है और समावेशी आर्थिक विकास की दिशा मजबूत हुई है।


डिजिटल गवर्नेंस ने विदेशी निवेशकों के लिए भी भारत को अधिक आकर्षक बनाया है। पारदर्शी नियामक व्यवस्था, ऑनलाइन स्वीकृति प्रणाली और सरल अनुपालन प्रक्रियाओं ने कारोबार की लागत कम करने के साथ निवेशकों का भरोसा भी बढ़ाया है। वैश्विक स्तर पर निवेश और विनिर्माण प्रतिस्पर्धा के दौर में कुशल प्रशासन को अब बुनियादी ढांचे और कर व्यवस्था जितना ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल गवर्नेंस को केवल तकनीकी बदलाव के रूप में नहीं देखा जा सकता। साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल प्लेटफॉर्म की निरंतर उपलब्धता और आपसी समन्वय जैसी चुनौतियों पर लगातार काम करना होगा। साथ ही यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा कि दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित छोटे उद्यमों तक डिजिटल अवसंरचना और डिजिटल साक्षरता समान रूप से पहुंचे।


आगे के सुधारों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित अनुपालन प्रणाली, पूर्वानुमान आधारित नियामक ढांचा, सीमा-पार व्यापार के लिए पेपरलेस दस्तावेज प्रणाली और केंद्र एवं राज्यों के बीच बेहतर डिजिटल समन्वय पर जोर दिया जा सकता है। उद्योग और स्टार्टअप से नियमित परामर्श के जरिए डिजिटल सुधारों को समय की जरूरतों के अनुरूप बनाए रखना भी आवश्यक माना गया है।


भारत का डिजिटल गवर्नेंस मॉडल अब वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन रहा है। ग्लोबल साउथ के कई देश कम लागत और बड़े पैमाने पर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने वाले भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं। यह मॉडल दर्शाता है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और संस्थागत नवाचार के माध्यम से विकासशील देश भी डिजिटल परिवर्तन का सफल उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।


सरकार का मानना है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस केवल प्रक्रियाओं को सरल बनाने या वैश्विक रैंकिंग सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां उद्यमिता को बढ़ावा मिले, निवेशकों का विश्वास मजबूत हो, अनुपालन आसान बने और शासन अधिक नागरिक-केंद्रित हो। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में डिजिटल गवर्नेंस सुधारों को मजबूत साइबर सुरक्षा, निरंतर नवाचार और संस्थागत जवाबदेही के साथ आगे बढ़ाना देश की दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण होगा।

भारत की डिजिटल गवर्नेंस क्रांति ने कारोबार करना बनाया आसान, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिली नई रफ्तार भारत की डिजिटल गवर्नेंस क्रांति ने कारोबार करना बनाया आसान, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिली नई रफ्तार Reviewed by SBR on 7/22/2026 05:28:00 PM Rating: 5

PM-YASASVI योजना से छात्रों को स्कूल से कॉलेज तक मिलेगी आर्थिक सहायता

7/22/2026 05:26:00 PM


 केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री यशस्वी (PM-YASASVI – प्रधानमंत्री यंग अचीवर्स स्कॉलरशिप अवॉर्ड स्कीम फॉर वाइब्रेंट इंडिया) सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक अम्ब्रेला छात्रवृत्ति योजना है। योजना के माध्यम से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EBC) तथा विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों (DNT) के छात्रों के लिए शैक्षिक अवसरों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को कम कर पात्र छात्रों को समावेशी, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।


PM-YASASVI योजना के चार प्रमुख घटक


प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना

पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना

टॉप क्लास एजुकेशन इन स्कूल्स योजना

टॉप क्लास एजुकेशन इन कॉलेज्स योजना

इन सभी योजनाओं का लाभ पात्र OBC, EBC और DNT वर्ग के विद्यार्थियों को दिया जाता है। यह योजना शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करती है।


आर्थिक बोझ कम करने पर जोर


सरकार के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य पात्र छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उन्हें स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक की पढ़ाई बिना आर्थिक कठिनाइयों के पूरी करने में मदद करना है।


सामाजिक और शैक्षिक समानता की दिशा में कदम


सरकार ने कहा कि PM-YASASVI योजना सामाजिक और शैक्षिक रूप से वंचित समुदायों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे इन वर्गों के विद्यार्थियों की शिक्षा तक पहुंच बढ़ेगी और उनके समग्र विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।


लोकसभा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने लिखित उत्तर में बताया कि PM-YASASVI अम्ब्रेला योजना के तहत छात्रों को शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए चार प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

PM-YASASVI योजना से छात्रों को स्कूल से कॉलेज तक मिलेगी आर्थिक सहायता PM-YASASVI योजना से छात्रों को स्कूल से कॉलेज तक मिलेगी आर्थिक सहायता Reviewed by SBR on 7/22/2026 05:26:00 PM Rating: 5

भारत दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्क वाला देश बना, 99.6% ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क हुआ विद्युतीकृत: अश्विनी वैष्णव

7/22/2026 04:20:00 PM

 



रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्क वाला देश बन गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे के ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत हिस्सा विद्युतीकृत हो चुका है। इस मामले में भारत केवल स्विट्जरलैंड (100 प्रतिशत) से थोड़ा पीछे है, हालांकि स्विट्जरलैंड का रेलवे नेटवर्क भारत की तुलना में काफी छोटा है।


रेल मंत्री ने लिखित उत्तर में बताया कि रेलवे विद्युतीकरण के मामले में भारत- चीन (82 प्रतिशत), स्पेन (67 प्रतिशत), जापान (64 प्रतिशत), फ्रांस (60 प्रतिशत) और यूनाइटेड किंगडम (39 प्रतिशत) जैसे देशों से आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे ने दुनिया के सबसे तेज रेलवे विद्युतीकरण कार्यक्रमों में से एक को सफलतापूर्वक लागू किया है। जहां अधिकांश देश केवल व्यस्त यात्री और मालवाहक रेल मार्गों का ही विद्युतीकरण करते हैं, वहीं भारत ने अपने पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क का विद्युतीकरण करने का लक्ष्य अपनाया है।


अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वर्ष 2014 से 2026 के बीच मिशन मोड में 48,072 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया गया है। इसके विपरीत, इससे पहले के लगभग 60 वर्षों में केवल 21,801 किलोमीटर रेल मार्ग का ही विद्युतीकरण हो सका था। उन्होंने कहा कि रेलवे विद्युतीकरण से जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम हुई है, डीजल की खपत में उल्लेखनीय गिरावट आई है और कार्बन उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है। साथ ही, इससे ट्रेनों की भार वहन क्षमता और गति में वृद्धि हुई है, जिससे यात्रा समय कम होने के साथ परिचालन दक्षता भी बेहतर हुई है।


रेल मंत्री के अनुसार, रेलवे ट्रैक्शन के लिए डीजल की खपत 2015-16 में 293 करोड़ लीटर से घटकर 2024-25 में लगभग 108 करोड़ लीटर रह गई है। इस प्रकार करीब 185 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई है, जिससे विदेशी मुद्रा की भी उल्लेखनीय बचत हुई है, क्योंकि पहले इस ईंधन का आयात करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 1,260 मेगावाट से अधिक सौर और पवन ऊर्जा क्षमता भी स्थापित की है। रेलवे नेटवर्क का विस्तार स्वच्छ परिवहन को प्रोत्साहित करता है, क्योंकि रेल परिवहन से सड़क परिवहन की तुलना में लगभग 89 प्रतिशत कम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित होती है।


अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्क सौर, पवन तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को ट्रैक्शन पावर प्रणाली में प्रभावी ढंग से एकीकृत करने के लिए सबसे उपयुक्त है। भारतीय रेलवे लगभग पूर्ण विद्युतीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते उपयोग और रणनीतिक विद्युत खरीद योजना के माध्यम से सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल परिचालन के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे देश के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।(इनपुट- आईएएनएस)

भारत दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्क वाला देश बना, 99.6% ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क हुआ विद्युतीकृत: अश्विनी वैष्णव भारत दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्क वाला देश बना, 99.6% ब्रॉड गेज रेल नेटवर्क हुआ विद्युतीकृत: अश्विनी वैष्णव Reviewed by SBR on 7/22/2026 04:20:00 PM Rating: 5

अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड 2026 में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक

7/22/2026 04:19:00 PM

 



अंतरराष्ट्रीय भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित ओलंपियाड 2026 में भारतीय छात्रों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक अपने नाम किए। परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित छात्रों की इस उपलब्धि ने वैश्विक स्तर पर विज्ञान और गणित के क्षेत्र में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी है।


भौतिकी और रसायन विज्ञान में ऐतिहासिक उपलब्धि


भारत ने अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड में सभी पांच स्वर्ण पदक जीतकर संयुक्त रूप से विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड में भी भारतीय टीम ने सभी चार स्वर्ण पदक जीतकर संयुक्त रूप से विश्व चैंपियन का दर्जा प्राप्त किया।


जीव विज्ञान और गणित में भी शानदार प्रदर्शन


अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने एक स्वर्ण और तीन रजत पदक जीते। वहीं, अंतरराष्ट्रीय गणितीय ओलंपियाड में भारत के खाते में दो स्वर्ण और चार रजत पदक आए। चारों ओलंपियाड को मिलाकर भारत ने कुल 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक हासिल किए।


चार दशक से प्रतिभाओं को संवार रहा है डीएई


परमाणु ऊर्जा विभाग पिछले लगभग चार दशकों से राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम के माध्यम से देश के प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान, मार्गदर्शन और उन्नत प्रशिक्षण का कार्य कर रहा है। इस कार्यक्रम का संचालन टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) के अंतर्गत होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (एचबीसीएसई) राष्ट्रीय नोडल केंद्र के रूप में करता है।


डीएई प्रमुख ने दी बधाई


परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने छात्रों की उपलब्धि को राष्ट्रीय गौरव बताते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों की मेहनत, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के समर्पण तथा वर्षों में विकसित मजबूत संस्थागत व्यवस्था का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह भारत की वैज्ञानिक सोच और उत्कृष्टता का उत्सव है।


एचबीसीएसई ने बताया टीमवर्क की जीत


एचबीसीएसई के निदेशक प्रो. अर्नब भट्टाचार्य ने कहा कि विभाग के निरंतर सहयोग और वैज्ञानिक प्रतिभाओं को विकसित करने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता ने इस सफलता को संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन देशभर में विज्ञान और गणित के प्रति उत्कृष्टता की संस्कृति को मजबूत करता है।


मजबूत राष्ट्रीय तंत्र का मिला लाभ


डीएई ने टीआईएफआर और एचबीसीएसई के माध्यम से वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों और विषय विशेषज्ञों का एक सशक्त राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार किया है। इसी सहयोगात्मक व्यवस्था के कारण कई पीढ़ियों के ओलंपियाड विजेता आज देश और विदेश में उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।


विज्ञान आधारित भविष्य के निर्माण पर जोर


परमाणु ऊर्जा विभाग ने सभी पदक विजेताओं, टीम लीडरों, मेंटरों, वैज्ञानिक पर्यवेक्षकों और सहयोगी संस्थानों को बधाई देते हुए कहा कि वैज्ञानिक शिक्षा और प्रतिभा संवर्धन में निरंतर निवेश भारत को वैश्विक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग ने भविष्य में भी युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने और वैज्ञानिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। (इनपुट: पीआईबी)

अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड 2026 में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड 2026 में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक Reviewed by SBR on 7/22/2026 04:19:00 PM Rating: 5

Centre sets 180 lakh metric ton Paddy procurement target for Punjab

7/22/2026 04:17:00 PM

 



Punjab has been asked to procure 180 Lakh Metric Ton of Paddy for the Central pool during the forthcoming kharif procurement season. This was discussed during a meeting of Punjab’s Group of Ministers, held at Chandigarh, yesterday. The concerned state officials informed the ministers about the demand by the Government of India. The officials said that the Paddy will be procured at the minimum support price of 2,462 rupees per quintal.


The Ministers were also apprised that in the present year, the movement of foodgrain from Punjab stands at 75.67 Lakh Metric Ton from January to July. The meeting, comprising Agriculture and Farmers Welfare Minister, Food, Civil Supplies and Consumer Affairs Minister and Water Resources Minister, was held to review the arrangements in respect of the upcoming Paddy procurement season 2026 – 27 and Wheat procurement season 2027 – 28.

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Rescue & relief operations intensify across Flood-hit Assam

7/22/2026 04:16:00 PM


 In Assam, the flood situation remains critical with 16 districts affected by the deluge. 21 more people have been reported to have lost their lives in the flood across the state, taking the toll to 31 till now.

 

According to official reports, 872 villages remain inundated, affecting more than 5 lakh 64 thousand people across the state. Over 24 thousand hectares of crop area are submerged under floodwaters. Urban flooding has also impacted Kamrup and Kamrup Metropolitan districts, where more than 4,000 people have been affected.

 

Relief and rescue operations are continuing in the affected areas. The state government has opened 71 relief camps and 202 relief distribution centres, providing shelter to over 12,000 people and assistance to more than one lakh flood-affected residents. Teams of the SDRF, NDRF, Fire and Emergency Services, along with the local administration, are carrying out rescue and evacuation operations round the clock. 

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Defence Minister virtually flags in all-women expedition Samudra Pradakshina

7/22/2026 04:15:00 PM

 



Defence Minister Rajnath Singh has stated that the first-ever tri-services all-women expedition, ‘Samudra Pradakshina’, onboard IASV Triveni not only circumnavigated the Earth but also made crores of Indians proud with this exceptional feat.

 

He virtually flagged in the ‘Samudra Pradakshina’ expedition onboard IASV Triveni. Highlighting the crew’s diplomatic visits, Mr Singh said they acted as ambassadors of India’s culture and democratic values, strengthening the country’s soft power. He hailed IASV Triveni as a living example of Atmanirbhar Bharat and of India’s innovation, capabilities and confidence.

 

Underscoring the enormous challenges faced by IASV Triveni, Mr Singh said the mental resilience of India’s daughters is greater than the gigantic oceanic waves. He added that IASV Triveni is not only a maritime expedition but also an example of the strength and coordination of India’s three defence forces, noting that the country’s strength lies in its unity.

 

The Chief of Defence Staff, General N. S. Raja Subramani; the Chief of the Army Staff, General Dhiraj Seth; the Chief of the Naval Staff, Admiral Krishna Swaminathan; and the Chief of the Air Staff, Air Chief Marshal Amar Preet Singh (A. P. Singh), were also present virtually at the event.

 

The all-women tri-services expedition, under the leadership of Lieutenant Colonel Anuja Varudkar, with Squadron Leader Shraddha P. Raju as the Deputy Expedition Leader, was flagged off from Mumbai’s historic Gateway of India on 11 September 2025. It successfully completed its circumnavigation after covering over 25,500 nautical miles, crossing the Equator twice, rounding the three Great Capes-Cape Leeuwin (Australia), Cape Horn (South America), and the Cape of Good Hope (Africa)-and traversing all longitudes and major latitudes, including the Southern Ocean belt.

 

The crew followed an open-ocean route without using any straits or canals, such as the Panama or Suez Canals, and concluded the voyage at the same point from which it had begun. The expedition crew also included Major Karamjeet Kaur, Major Omita Dalvi, Captain Prajakta Nikam, Lieutenant Commander Priyanka Gusain, Wing Commander Vibha Singh, Squadron Leader Aruvi Jayadev, and Squadron Leader Vaishali Bhandari.

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न्यूड कलर की मिनी ड्रेस में Emily Ratajkowski का स्टाइलिश लुक, नाइट आउट की तस्वीरें वायरल

7/22/2026 03:55:00 PM

 न्यूड कलर की मिनी ड्रेस में Emily Ratajkowski का स्टाइलिश लुक, नाइट आउट की तस्वीरें वायरल

उन्होंने अपने आउटफिट को ब्लैक पर्स के साथ एक्सेसराइज किया, जो उनके लुक में एक परफेक्ट कॉन्ट्रास्ट जोड़ रहा है।







न्यूड कलर की मिनी ड्रेस में Emily Ratajkowski का स्टाइलिश लुक, नाइट आउट की तस्वीरें वायरल  न्यूड कलर की मिनी ड्रेस में Emily Ratajkowski का स्टाइलिश लुक, नाइट आउट की तस्वीरें वायरल Reviewed by SBR on 7/22/2026 03:55:00 PM Rating: 5
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