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हिमाचल में आज मौसम के तेवर कड़े, पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

8/20/2026 12:13:00 pm




हिमाचल में आज मौसम के तेवर कड़े, पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। 20 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। शिमला समेत कई क्षेत्रों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है।

मौसम के बिगड़े मिजाज के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा बना हुआ है। लगातार बारिश से प्रदेश के कई हिस्सों में यातायात और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक हिमाचल में बारिश का दौर जारी रह सकता है। शिमला में भी आज बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

SBR News अपडेट: बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वाले लोग मौसम और स्थानीय प्रशासन के ताजा निर्देशों पर नजर रखें।


भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक का चौथा दौर आज, रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर

8/20/2026 12:00:00 pm






भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक का चौथा दौर आज, रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर  

सिंगापुर। भारत और सिंगापुर के बीच चौथी India-Singapore Ministerial Roundtable (ISMR) बैठक आज, 20 अगस्त को सिंगापुर में आयोजित हो रही है। बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होगी।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हैं।

मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, कनेक्टिविटी, डिजिटलाइजेशन, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कौशल विकास और स्थिरता जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की जाएगी। इन चर्चाओं से भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रोडमैप को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।

बैठक का उद्देश्य अब तक चल रही पहलों की प्रगति की समीक्षा करना और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशना है। इसके साथ ही चौथी India-Singapore Business Roundtable भी आयोजित होगी, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख कारोबारी प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सिंगापुर पहुंचने के बाद अपने समकक्ष डॉ. विवियन बालकृष्णन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। जयशंकर ने भारत के नए चांसरी परिसर की आधारशिला कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया।


भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार की मांग उठाई, कहा- मौजूदा वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप हो बदलाव

8/20/2026 11:51:00 am

 


भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार की मांग उठाई, कहा- मौजूदा वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप हो बदलाव

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में व्यापक और तत्काल सुधार की मांग करते हुए कहा है कि परिषद की संरचना और निर्णय लेने की प्रक्रिया को वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। भारत का मानना है कि विकासशील देशों और वैश्विक दक्षिण (Global South) को अंतरराष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा परिषद लगभग 80 वर्ष पुराने ढांचे पर आधारित है, जो आज की बहुध्रुवीय दुनिया की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक संघर्षों को रोकने और शांति बनाए रखने में परिषद की सीमित भूमिका के कारण संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।

भारत ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार केवल सदस्य देशों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि निर्णय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, लोकतांत्रिक और प्रभावी बनाने की भी आवश्यकता है। भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के विस्तार और विकासशील देशों को उचित प्रतिनिधित्व देने की वकालत करता रहा है।

भारत ने यह भी कहा कि 21वीं सदी की वास्तविकताओं को देखते हुए वैश्विक संस्थाओं में सुधार समय की मांग है और इससे बहुपक्षीय व्यवस्था (Multilateralism) को मजबूती मिलेगी।


कैबिनेट की बड़ी मंजूरी: ₹13,041 करोड़ की रेल और सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी

8/20/2026 11:45:00 am

 



कैबिनेट की बड़ी मंजूरी: ₹13,041 करोड़ की रेल और सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में रेल और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कुल ₹13,041 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में चार रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं और एक हाईवे परियोजना को स्वीकृति दी गई।

रेलवे की चार परियोजनाओं के तहत पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में करीब 410 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इनमें खड़गपुर-भद्रक चौथी लाइन, भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन, गुम्मिडिपुंडी-गुडूर तीसरी एवं चौथी लाइन तथा कटक-पारादीप तीसरी एवं चौथी लाइन शामिल हैं। इन रेलवे परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब ₹9,450 करोड़ है और इन्हें 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा बिहार में मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा NH-22 सेक्शन को फोर-लेन मानक में अपग्रेड करने की मंजूरी दी गई है। करीब 82.57 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर ₹3,590 करोड़ से अधिक की पूंजीगत लागत आएगी। परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत विकसित किया जाएगा।

सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से परिवहन क्षमता बढ़ने, कनेक्टिविटी मजबूत होने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।


सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: माता-पिता बच्चों को संपत्ति से कर सकते हैं बेदखल

8/20/2026 10:27:00 am






सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: माता-पिता बच्चों को संपत्ति से कर सकते हैं बेदखल

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुजुर्ग माता-पिता के संपत्ति अधिकारों से जुड़े एक अहम मामले में स्पष्ट किया है कि यदि वयस्क बच्चे अपने माता-पिता की उपेक्षा करते हैं, तो कानून के तहत उन्हें माता-पिता की संपत्ति से बाहर किया जा सकता है। यह मामला Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 से जुड़ा है।

क्या था मामला?

मामले में बुजुर्ग माता-पिता ने शिकायत की थी कि उनका बेटा उनकी संपत्तियों पर कब्जे में था और उन्हें अपने ही घरों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ट्रिब्यूनल ने बेटे को माता-पिता को भरण-पोषण देने और संपत्ति खाली करने का आदेश दिया था।

बाद में हाईकोर्ट ने इस आदेश में हस्तक्षेप किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को सही नहीं माना और माता-पिता के पक्ष में कार्रवाई बहाल कर दी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने माना कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और भरण-पोषण के लिए बनाए गए कानून के तहत संबंधित ट्रिब्यूनल को जरूरत पड़ने पर ऐसे बच्चों को संपत्ति से बेदखल करने का अधिकार है, जो अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते।

माता-पिता के लिए क्यों अहम है फैसला?

यह फैसला वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और संपत्ति पर अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण संदेश देता है। हालांकि, संपत्ति विवादों में वास्तविक अधिकार मामले के तथ्यों, स्वामित्व और लागू कानून पर निर्भर करते हैं।

 

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