भारत-अमरीका व्यापार समझौते पर भडक़ी माकपा

 


भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) की लोकल कमेटी शिमला ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर कथित हमलों के खिलाफ डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर अमेरिकी दबाव में नीतिगत रियायतें देने का आरोप लगाया और समझौते का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग उठाई। राज्य सचिवमंडल सदस्य डाक्टर कुलदीप सिंह तंवर, जिला सचिव विजेंद्र मेहरा, लोकल कमेटी सचिव जगत राम, अमित कुमार और विवेक कश्यप ने कहा कि अमेरिका आक्रामक साम्राज्यवादी नीति पर चल रहा है और आर्थिक संकट से उबरने के लिए सैन्य व आर्थिक दबाव की रणनीति अपना रहा है। आरोप लगाया कि पिछले महीनों में अमेरिका ने कई देशों पर हवाई हमले किए और अब व्यापार व टैरिफ के जरिए अपने हित साध रहा है। दिसंबर 2025 में जारी अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति को इसी नीति का हिस्सा बताया।

नेताओं ने कहा कि भारत-अमेरिका तथाकथित ‘अंतरिम समझौते’ के तहत फलों, कपास, मेवों, सोयाबीन तेल और अन्य कृषि उत्पादों पर शून्य टैरिफ की सहमति किसानों के लिए घातक होगी। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों के सेब उत्पादक पहले से अंतरराष्ट्रीय समझौतों से प्रभावित हैं। ऐसे में अमेरिकी आयात को खुली छूट मिलने से उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ेगा। कपास और सोया किसान भी बढ़ती लागत और संकट के बीच प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगे। माकपा नेताओं ने गैर-टैरिफ बाधाएं हटाने और सब्सिडी कम करने की आशंका जताते हुए कहा कि इससे भारी सब्सिडी वाले अमेरिकी उत्पादों के सामने भारतीय कृषि अलाभकारी हो जाएगी। पार्टी ने मांग की कि सरकार ऐसे किसी भी समझौते से पीछे हटे जो किसानों, श्रमिकों और आम जनता के हितों के खिलाफ हो तथा भारत को अमेरिका का जूनियर पार्टनर बनाने की नीति छोड़े।

भारत-अमरीका व्यापार समझौते पर भडक़ी माकपा भारत-अमरीका व्यापार समझौते पर भडक़ी माकपा Reviewed by SBR on February 26, 2026 Rating: 5

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