17 अगस्त को देशभर में BMS का प्रदर्शन, पेंशन और मजदूरों की मांगों को लेकर सरकार पर दबाव

8/14/2026 11:49:00 pm

 


17 अगस्त को देशभर में प्रदर्शन करेगा BMS, पेंशन और मजदूरों की मांगों को लेकर सरकार पर दबाव

नई दिल्ली: भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने मजदूरों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों को लेकर 17 अगस्त 2026 को देशभर में प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। संगठन की ओर से सभी इकाइयों को जिला मुख्यालयों पर रैली, धरना और प्रदर्शन आयोजित करने तथा स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपने के लिए कहा गया है।

पेंशन बढ़ाने की प्रमुख मांग

BMS ने EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर ₹7,500 प्रति माह करने की मांग की है। इसके साथ ही पेंशन को महंगाई भत्ते से जोड़ने और पेंशनभोगियों को आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ देने की मांग भी उठाई गई है।

EPF और ESI की सीमा बढ़ाने की मांग

संगठन ने ESI की वेतन सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 तथा EPF की सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग रखी है। इसके अलावा बोनस की गणना सीमा में संशोधन और ग्रेच्युटी की गणना से जुड़े नियमों में सुधार की मांग भी शामिल है।

पुरानी पेंशन योजना और मजदूरी का मुद्दा

BMS ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने, जीवन-यापन की लागत के आधार पर न्यूनतम मजदूरी तय करने और समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने तथा खाली पड़े सरकारी पदों को भरने की मांग भी उठाई है।

आंगनवाड़ी और ASHA कर्मचारियों के मुद्दे

BMS ने आंगनवाड़ी, ASHA, मिड-डे मील और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े कर्मचारियों के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया है। संगठन का कहना है कि इन कर्मचारियों को लंबे समय से सेवाएं लेने के बावजूद पर्याप्त श्रमिक अधिकार और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है।

लेबर कोड में बदलाव की मांग

BMS ने Industrial Relations Code और Occupational Safety, Health and Working Conditions Code के कुछ प्रावधानों का विरोध किया है। संगठन ने केंद्र सरकार से केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ बातचीत कर श्रमिकों से जुड़े प्रावधानों में आवश्यक संशोधन करने की मांग की है।

BMS के अनुसार, 17 अगस्त का देशव्यापी प्रदर्शन मजदूरों, कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, योजना कर्मियों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों की लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जाएगा।


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ऑपरेशन सिंदूर पर अजीत डोभाल का बड़ा बयान, बोले- भारत की उदारता को कमजोरी न समझें

8/14/2026 11:44:00 pm


ऑपरेशन सिंदूर पर अजीत डोभाल का बड़ा बयान, बोले- भारत की उदारता को कमजोरी न समझें

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी समझना बड़ी भूल होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई करने की क्षमता रखता है।

डोभाल के मुताबिक, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस अभियान के शुरुआती चरण में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया।

भारत ने शुरुआत में पाकिस्तान के सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने से परहेज किया। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से सैन्य कार्रवाई बढ़ने के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसकी वायु रक्षा प्रणालियों, रडार साइटों और एयरबेस को निशाना बनाया।

अजीत डोभाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह अपनी सुरक्षा के लिए उपलब्ध सभी विकल्पों का इस्तेमाल करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि भारत की संयमित नीति को उसकी कमजोरी समझना पाकिस्तान की बड़ी भूल होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि करीब 88 घंटे चले इस सैन्य टकराव के दौरान भारत ने अपनी सैन्य क्षमता, तैयारी और जवाबी कार्रवाई की क्षमता का प्रदर्शन किया।

डोभाल का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति में एक महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

भारत का स्पष्ट संदेश

ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने यह संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में वह केवल संयम तक सीमित नहीं रहेगा। देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर कड़े और निर्णायक कदम उठाए जा सकते हैं।


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India-Pakistan Tension: पाकिस्तान PM Shehbaz Sharif ने भारत को दी धमकी | PM Modi | Top News |Rajnath

8/14/2026 10:34:00 pm

 


भारत को पाकिस्तान PM शहबाज शरीफ की फिर धमकी, सिंधु जल संधि को लेकर बोले- एक बूंद पानी भी नहीं रोक सकते

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने की किसी भी कोशिश का जवाब दिया जाएगा। उनकी यह टिप्पणी भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच सामने आई है।

केसरी टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, शहबाज शरीफ ने भारत को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सिंधु नदी के पानी को पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने जल अधिकारों से समझौता नहीं करेगा।

सिंधु जल संधि को लेकर बढ़ा तनाव

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला किया था। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से लगातार इस मुद्दे को उठाया जाता रहा है। पाकिस्तान ने भारत से संधि के सामान्य संचालन को बहाल करने की मांग भी की थी।

शहबाज शरीफ की ताजा टिप्पणी को पाकिस्तान की ओर से भारत पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि पानी के मुद्दे पर पाकिस्तान किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेगा।

भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच आया बयान

यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच पहले से ही कई मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है। इससे पहले पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व की ओर से भी सिंधु जल और भारत की जल नीति को लेकर कड़े बयान सामने आए थे।

भारत का रुख रहा है कि पाकिस्तान के साथ संबंधों में आतंकवाद और सीमा पार हिंसा प्रमुख मुद्दे हैं। ऐसे में सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान की चेतावनियों ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है।

फिलहाल शहबाज शरीफ के बयान के बाद भारत की ओर से किसी नई आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।



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यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के बयान चर्चा में, छात्राओं को लिव-इन रिश्तों से दूर रहने की सलाह

8/14/2026 10:06:00 pm

 


यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का यूनिवर्सिटी दौरा चर्चा में, छात्राओं से लिव-इन रिश्तों से दूर रहने की सलाह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल इन दिनों राज्य के विश्वविद्यालयों के अपने दौरों और छात्र-छात्राओं को दिए जा रहे सुझावों को लेकर चर्चा में हैं। 84 वर्षीय पटेल 2019 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल बनी थीं और अब राज्य की सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाली राज्यपाल हैं। राज्यपाल होने के साथ वह प्रदेश के विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति भी हैं।

राज्यपाल ने हाल के महीनों में कई विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों का दौरा किया है। इन दौरों के दौरान वह हॉस्टल, मेस, साफ-सफाई, शैक्षणिक सुविधाओं और छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दों का जायजा लेती रही हैं। उनके कार्यालय की टीम भी दौरे से पहले संस्थानों में जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाती है।

छात्राओं को लिव-इन रिश्तों से दूर रहने की सलाह

अक्टूबर 2025 में वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में आनंदीबेन पटेल ने लिव-इन रिश्तों की बढ़ती स्वीकार्यता पर चिंता जताई थी। उन्होंने महिला विद्यार्थियों को ऐसे रिश्तों से दूर रहने की सलाह दी थी।

जुलाई 2026 में लखनऊ स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में भी उन्होंने महिलाओं की जिम्मेदारियों पर बात की। उन्होंने कहा कि महिलाएं शिक्षक या आईएएस अधिकारी बनें, लेकिन परिवार और मातृत्व की जिम्मेदारियों को भी समझें।

हॉस्टल के खाने से लेकर ड्रग्स तक पर टिप्पणी

राज्यपाल ने जून में लखनऊ के राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में हॉस्टल मेस में नॉन-वेज भोजन पर भी अपनी राय रखी थी। संस्थान ने बाद में कहा था कि मेस का मेन्यू छात्रों की समिति तय करती है और राज्यपाल की सलाह पर विचार किया जाएगा।

6 अगस्त को दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्होंने हॉस्टल की व्यवस्थाओं, छात्र सुविधाओं और भोजन को लेकर कमियों पर सवाल उठाए। उन्होंने संभावित ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए समयसीमा पर जोर दिया।

'गर्भ संस्कार' पहल की भी सिफारिश

13 अगस्त को झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं के लिए 'गर्भ संस्कार' जैसी पहलों की सिफारिश की। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान पोषण, स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक वातावरण जैसे विषयों पर जागरूकता की बात कही।

राज्यपाल के समर्थकों का कहना है कि वह विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री देने वाली संस्थाएं नहीं, बल्कि युवाओं को जीवन के लिए तैयार करने वाले संस्थान मानती हैं। इसी सोच के तहत वह विश्वविद्यालयों के दौरे के दौरान शिक्षा के साथ छात्र जीवन और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी सीधे बात करती हैं।

आनंदीबेन पटेल ने जुलाई 2019 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल का पद संभाला था। इससे पहले वह गुजरात की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ की राज्यपाल भी रही हैं।


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नोएडा PG मर्डर: युवती की हत्या कर बिहार भागा इंजीनियर, एनकाउंटर से बचने को कराया गिरफ्तार

8/14/2026 09:57:00 pm

 


नोएडा में युवती की हत्या के बाद बिहार भागा इंजीनियर, एनकाउंटर के डर से खुद को शराब तस्करी केस में कराया गिरफ्तार

नोएडा: नोएडा के सेक्टर-49 स्थित बरौला गांव के एक पीजी में असम की 19 वर्षीय युवती की हत्या के मामले में आरोपी इंजीनियर के बारे में पुलिस ने चौंकाने वाली जानकारी सामने आने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद बिहार भागे आरोपी को एनकाउंटर का डर था। इसी वजह से उसने अपने एक परिचित की मदद से खुद को शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार करा दिया।

पुलिस के अनुसार, असम के डिब्रूगढ़ की रहने वाली महक अहमद 20 जुलाई को अपनी सहेली के साथ नौकरी की तलाश में नोएडा आई थी। दोनों बरौला गांव के एक पीजी में रहने लगी थीं। इसी दौरान पड़ोस के कमरे में रहने वाले इंजीनियर रमन राज से महक की जान-पहचान हुई।

डेटिंग ऐप को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, शनिवार को महक और रमन के बीच डेटिंग ऐप को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों देर रात साथ थे। रविवार तड़के आरोपी कथित तौर पर अपने कमरे को बाहर से लॉक करके वहां से फरार हो गया।

सोमवार को कमरे से दुर्गंध आने के बाद पीजी संचालक ने ताला खुलवाया। अंदर महक का शव मिला। पुलिस के मुताबिक, युवती की चाकू से हत्या की गई थी।

बिहार पहुंचकर खुद को कराया गिरफ्तार

हत्या के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और बस से बनारस पहुंचा, जहां वह अपने बहनोई के पास कुछ समय रुका। इसके बाद वह अपने गृह जिले कटिहार चला गया।

पुलिस के अनुसार, नोएडा पुलिस जब उसकी तलाश में कटिहार पहुंची तो पता चला कि आरोपी ने मंगलवार दोपहर एक परिचित की मदद से कटिहार नगर कोतवाली में खुद को शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार करा लिया था। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया गया। अब नोएडा पुलिस उसे बी-वारंट के जरिए नोएडा लाने की तैयारी कर रही है।

हत्या की वजह अभी पूरी तरह साफ नहीं

पुलिस के मुताबिक, महक और रमन की मुलाकात घटना से कुछ दिन पहले ही हुई थी। हत्या की सटीक वजह अभी जांच का विषय है। शुरुआती जांच में नशे की हालत में विवाद और रमन की कथित पहली प्रेमिका को लेकर टिप्पणी की बात सामने आई है, हालांकि पुलिस ने इसे अंतिम कारण नहीं माना है।

घटना के समय पीजी के बाहर कूलर चल रहा था। पुलिस का मानना है कि कूलर की तेज आवाज के कारण आसपास के लोगों को किसी तरह के शोर का पता नहीं चला होगा। मामले में पुलिस आरोपी को नोएडा लाकर आगे की पूछताछ और जांच करने की तैयारी कर रही है।


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