यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का यूनिवर्सिटी दौरा चर्चा में, छात्राओं से लिव-इन रिश्तों से दूर रहने की सलाह
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल इन दिनों राज्य के विश्वविद्यालयों के अपने दौरों और छात्र-छात्राओं को दिए जा रहे सुझावों को लेकर चर्चा में हैं। 84 वर्षीय पटेल 2019 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल बनी थीं और अब राज्य की सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाली राज्यपाल हैं। राज्यपाल होने के साथ वह प्रदेश के विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति भी हैं।
राज्यपाल ने हाल के महीनों में कई विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों का दौरा किया है। इन दौरों के दौरान वह हॉस्टल, मेस, साफ-सफाई, शैक्षणिक सुविधाओं और छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दों का जायजा लेती रही हैं। उनके कार्यालय की टीम भी दौरे से पहले संस्थानों में जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाती है।
छात्राओं को लिव-इन रिश्तों से दूर रहने की सलाह
अक्टूबर 2025 में वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में आनंदीबेन पटेल ने लिव-इन रिश्तों की बढ़ती स्वीकार्यता पर चिंता जताई थी। उन्होंने महिला विद्यार्थियों को ऐसे रिश्तों से दूर रहने की सलाह दी थी।
जुलाई 2026 में लखनऊ स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में भी उन्होंने महिलाओं की जिम्मेदारियों पर बात की। उन्होंने कहा कि महिलाएं शिक्षक या आईएएस अधिकारी बनें, लेकिन परिवार और मातृत्व की जिम्मेदारियों को भी समझें।
हॉस्टल के खाने से लेकर ड्रग्स तक पर टिप्पणी
राज्यपाल ने जून में लखनऊ के राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में हॉस्टल मेस में नॉन-वेज भोजन पर भी अपनी राय रखी थी। संस्थान ने बाद में कहा था कि मेस का मेन्यू छात्रों की समिति तय करती है और राज्यपाल की सलाह पर विचार किया जाएगा।
6 अगस्त को दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्होंने हॉस्टल की व्यवस्थाओं, छात्र सुविधाओं और भोजन को लेकर कमियों पर सवाल उठाए। उन्होंने संभावित ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए समयसीमा पर जोर दिया।
'गर्भ संस्कार' पहल की भी सिफारिश
13 अगस्त को झांसी स्थित बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं के लिए 'गर्भ संस्कार' जैसी पहलों की सिफारिश की। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान पोषण, स्वस्थ जीवनशैली और सकारात्मक वातावरण जैसे विषयों पर जागरूकता की बात कही।
राज्यपाल के समर्थकों का कहना है कि वह विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री देने वाली संस्थाएं नहीं, बल्कि युवाओं को जीवन के लिए तैयार करने वाले संस्थान मानती हैं। इसी सोच के तहत वह विश्वविद्यालयों के दौरे के दौरान शिक्षा के साथ छात्र जीवन और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी सीधे बात करती हैं।
आनंदीबेन पटेल ने जुलाई 2019 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल का पद संभाला था। इससे पहले वह गुजरात की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ की राज्यपाल भी रही हैं।
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