लाल किला कार बम धमाके के पीछे AQIS, UNSC रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

8/14/2026 12:42:00 pm

 


लाल किला कार बम धमाके के पीछे अल-कायदा का हाथ, UNSC रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आतंकवाद निगरानी टीम ने दिल्ली के लाल किले के पास हुए घातक कार बम धमाके को अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जोड़ते हुए इसे संगठन की कार्रवाई बताया है। इस हमले में 11 लोगों की मौत हुई थी।

UNSC की Analytical Support and Sanctions Monitoring Team की आतंकवाद संबंधी रिपोर्ट में कहा गया है कि नवंबर 2025 में हुआ यह हमला आधिकारिक तौर पर AQIS को जिम्मेदार ठहराया गया है।

AQIS ने बदला अपना तरीका

रिपोर्ट के अनुसार, AQIS एक बिखरे हुए संगठन से आगे बढ़कर क्षेत्रीय आतंकवादी इकाई के रूप में विकसित हुआ है। संगठन ने बड़े समूहों के बजाय छोटी और अलग-अलग सेल के माध्यम से अपनी गतिविधियों को संचालित करने के लिए लॉजिस्टिक और वित्तीय नेटवर्क विकसित किए हैं।

रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि AQIS बांग्लादेश में अपनी सेल स्थापित करने के लिए वहां की परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। दक्षिण एशिया में आतंकवादी खतरे बढ़ने को लेकर भी चिंता जताई गई है।

पहले जैश-ए-मोहम्मद का आया था नाम

UNSC की आतंकवाद निगरानी टीम की फरवरी में जारी पिछली रिपोर्ट में लाल किले पर हुए हमले को जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जोड़े जाने की बात सामने आई थी। नई रिपोर्ट में AQIS को हमले के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार बताए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के अल-कायदा के साथ करीबी संबंध रहे हैं।

2014 में हुई थी AQIS की स्थापना

रिपोर्ट के मुताबिक अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) की स्थापना 2014 में अल-कायदा के तत्कालीन नेता अयमान अल-जवाहिरी ने की थी। UNSC की संबंधित निगरानी टीम में 10 विशेषज्ञ शामिल हैं, जो दुनिया भर में आतंकवादी संगठनों और उनके सहयोगियों से जुड़े खतरों की निगरानी करते हैं।

UNSC की रिपोर्ट में AQIS के क्षेत्रीय नेटवर्क और दक्षिण एशिया में बढ़ती गतिविधियों को लेकर चिंता जताई गई है।


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Iga Swiatek ने जीता Canadian Open खिताब, Elena Rybakina को 6-2, 6-3 से हराया

8/14/2026 12:40:00 pm

 


इगा स्वियातेक ने जीता Canadian Open महिला एकल खिताब, राइबाकिना को सीधे सेटों में हराया

टोरंटो: पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Canadian Open Tennis के महिला एकल वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल में उन्होंने दूसरी वरीयता प्राप्त कजाकिस्तान की एलेना राइबाकिना को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से हराया।

स्वियातेक ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और राइबाकिना को दबाव में रखा। करीब 75 मिनट में मैच जीतकर उन्होंने 2026 सीजन का अपना पहला खिताब हासिल किया। 

यह जीत स्वियातेक के लिए खास रही, क्योंकि यह Canadian Open में उनका पहला खिताब और इस सीजन का पहला WTA खिताब है। इसके साथ ही उन्होंने अपने करियर का 12वां WTA 1000 खिताब भी जीता। 

फाइनल में राइबाकिना अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में नहीं दिखीं और स्वियातेक ने उनके कमजोर पलों का पूरा फायदा उठाया। स्वियातेक ने पूरे मुकाबले में अपनी सर्विस बरकरार रखी और लगातार दबाव बनाए रखा। 

इस जीत से स्वियातेक को आगामी US Open से पहले आत्मविश्वास भी मिला है। लंबे समय बाद खिताब जीतने के बाद उनकी नजर अब सीजन के अगले बड़े मुकाबलों पर होगी। 

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चमोली में सुरंग हादसा: भूस्खलन और पानी घुसने से 7 की मौत, 14 घायल

8/14/2026 12:37:00 pm

 


चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में बड़ा हादसा, भूस्खलन और पानी घुसने से 7 की मौत, 14 घायल

चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग में भूस्खलन और अचानक पानी का रिसाव होने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हुए हैं। घटना गुरुवार शाम एक जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुई। 

सुरंग में अचानक घुसा पानी और मलबा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरंग में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान भूस्खलन के साथ पानी और मलबा तेजी से अंदर आ गया। इससे वहां काम कर रहे श्रमिकों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया और कई लोग सुरंग के भीतर फंस गए। 

अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद 21 लोगों को सुरंग से बाहर निकाला गया। इनमें 7 को मृत घोषित किया गया, जबकि 14 घायल लोगों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। 

राहत और बचाव अभियान जारी

हादसे की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए। सुरंग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। चुनौतीपूर्ण पहाड़ी इलाके और सुरंग में पानी व मलबा भरने के कारण राहत कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। 

प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।

जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुआ हादसा

यह हादसा चमोली के पीपलकोटी क्षेत्र में विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। परियोजना से जुड़े निर्माण कार्य के दौरान यह दुर्घटना सामने आई। 

अधिकारियों के अनुसार हादसे के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

हिमालयी क्षेत्र में निर्माण कार्यों पर फिर उठे सवाल

चमोली जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में भूस्खलन और भूगर्भीय अस्थिरता का खतरा लगातार बना रहता है। ऐसे में सुरंग और जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।


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LGBTQ+ समुदाय के लिए केंद्र की बड़ी पहल, कानूनी अधिकारों से स्वास्थ्य सेवाओं तक

8/14/2026 12:34:00 pm


कानूनी संरक्षण से स्वास्थ्य सेवाओं तक, LGBTQ+ समुदाय के लिए केंद्र की बड़ी पहल

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने LGBTQ+ समुदाय, जिसमें इंटरसेक्स व्यक्ति भी शामिल हैं, के अधिकारों, कल्याण और सामाजिक समावेशन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार के अनुसार शिक्षा, रोजगार, पहचान-पत्र, खाद्य सुरक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में विभिन्न मंत्रालय और विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। 

कानूनी संरक्षण का मजबूत ढांचा

ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम, 2019 और 2026 में किए गए संशोधनों के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों और कल्याण के लिए कानूनी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इसमें जन्मजात असमानताओं वाले इंटरसेक्स व्यक्तियों को भी ट्रांसजेंडर व्यक्ति की परिभाषा में शामिल किया गया है। 

राशन कार्ड में साथी को परिवार का हिस्सा मानने का प्रावधान

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को परामर्श जारी किया है कि मौजूदा नियमों के तहत समलैंगिक या क्वीयर संबंध में रहने वाले साथी को राशन कार्ड के उद्देश्य से उसी परिवार या गृहस्थी का हिस्सा माना जाए। ऐसे जोड़ों को राशन कार्ड जारी करने में भेदभाव से बचने के लिए भी कहा गया है। 

संयुक्त बैंक खाते और नामांकन की सुविधा

वित्तीय सेवा विभाग के अनुसार क्वीयर संबंध में रहने वाले व्यक्तियों के लिए संयुक्त बैंक खाता खोलने पर कोई रोक नहीं है। इसके अलावा व्यक्ति अपने क्वीयर साथी को खातेधारक की मृत्यु की स्थिति में खाते की राशि प्राप्त करने के लिए नामांकित भी कर सकता है।

स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पर विशेष जोर

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने LGBTQ+ समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें जागरूकता अभियान, कन्वर्जन थेरेपी पर रोक, सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी की उपलब्धता, चिकित्सा पाठ्यक्रमों में आवश्यक बदलाव और टेली-कंसल्टेशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। 

स्वास्थ्यकर्मियों को संवेदनशील बनाने की पहल

स्वास्थ्यकर्मियों को LGBTQ+ समुदाय से जुड़े मामलों में संवेदनशील बनाने के लिए प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों को भेदभाव कम करने और समुदाय के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच उपलब्ध कराने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। 

इंटरसेक्स बच्चों के लिए चिकित्सा दिशानिर्देश

सरकार ने सेक्स डेवलपमेंट में अंतर वाले शिशुओं और बच्चों के लिए आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप से संबंधित दिशानिर्देश भी तैयार किए हैं। इनका उद्देश्य बच्चों को उचित चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराना और अनावश्यक जटिलताओं से बचाना है। साथ ही क्वीयर समुदाय के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े मुद्दों के लिए भी दिशानिर्देश तैयार किए जा रहे हैं। 

जेलों में मुलाकात और सुरक्षा के अधिकार

गृह मंत्रालय ने जेलों में क्वीयर समुदाय के लोगों के मुलाकात संबंधी अधिकारों को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को परामर्श जारी किया है। इसके अलावा हिंसा, उत्पीड़न और दबाव की धमकियों से समुदाय के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

सामाजिक समावेशन की दिशा में बहु-मंत्रालयीय प्रयास

केंद्र सरकार की पहल में कानूनी संरक्षण, खाद्य सुरक्षा, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा और व्यक्तिगत गरिमा जैसे कई पहलुओं को शामिल किया गया है। विभिन्न मंत्रालयों के दिशा-निर्देशों का उद्देश्य LGBTQ+ समुदाय को सरकारी सेवाओं और अधिकारों तक समान पहुंच उपलब्ध कराना तथा सामाजिक समावेशन को मजबूत करना है। 


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एनीमिया मुक्त भारत अभियान को नई गति, डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च

8/14/2026 12:31:00 pm

 


एनीमिया मुक्त भारत अभियान को नई गति, डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च; राज्यों को किया गया सम्मानित

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में एनीमिया की रोकथाम और उपचार के प्रयासों को मजबूत करने के लिए एनीमिया मुक्त भारत अभियान (AMB) को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 12 और 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 160 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। 

कार्यशाला के दौरान एनीमिया मुक्त भारत अभियान के नए डिजिटल प्लेटफॉर्म और एप्लिकेशन को लॉन्च किया गया। इसका उद्देश्य स्क्रीनिंग के दौरान एनीमिया से प्रभावित पाए गए लाभार्थियों की डिजिटल निगरानी, उपचार और फॉलो-अप को बेहतर बनाना है। 

7×7×7 रणनीति पर जोर

संशोधित एनीमिया मुक्त भारत अभियान अब केवल आयरन सप्लीमेंट और रोकथाम तक सीमित नहीं रहेगा। नई रणनीति में जांच, केस आधारित उपचार, उपचार का पालन, पौष्टिक एवं विविध आहार और डिजिटल ट्रैकिंग को प्रमुखता दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अभियान पुराने 6×6×6 मॉडल से 7×7×7 दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्यक्रम के क्रियान्वयन, जनभागीदारी और परिणामों को और मजबूत करना है। 

डिजिटल प्लेटफॉर्म से मरीजों की होगी निगरानी

नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्क्रीनिंग में एनीमिया से पीड़ित पाए गए लोगों को ट्रैक किया जा सकेगा। इसमें उपचार की स्थिति, दवाओं के सेवन और अनुपालन की निगरानी के साथ समय पर फॉलो-अप सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा।

प्लेटफॉर्म से ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी, जहां अतिरिक्त हस्तक्षेप की आवश्यकता है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर कार्यक्रम की समीक्षा और सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी। 

तीन महीने बाद दोबारा जांच पर जोर

विशेषज्ञों ने एनीमिया के प्रभावी उपचार के लिए समय पर जांच, एनीमिया की गंभीरता और कारण के अनुसार उपचार तथा तीन महीने बाद दोबारा जांच पर जोर दिया। साथ ही आयरन से भरपूर संतुलित और विविध आहार को भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। 

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सम्मान

राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान एनीमिया मुक्त भारत अभियान को बेहतर तरीके से लागू करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नई सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री भी जारी की गई।

कार्यशाला में एनीमिया स्क्रीनिंग, डिजिटल एप्लिकेशन, डेटा विश्लेषण, कृमिनाशक कार्यक्रम, उपचार अनुपालन और आयरन की आपूर्ति जैसे विषयों पर तकनीकी चर्चा हुई। राज्यों ने अपने जमीनी अनुभव और स्थानीय स्तर पर किए गए नवाचार भी साझा किए।

बहुक्षेत्रीय सहयोग से एनीमिया पर काबू

स्वास्थ्य मंत्रालय ने एनीमिया की चुनौती से निपटने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों, समुदायों, शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों और अन्य भागीदारों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई है।

सरकार का लक्ष्य डिजिटल निगरानी, बेहतर जांच, समय पर उपचार, पोषण और जनभागीदारी को एक साथ जोड़कर एनीमिया मुक्त भारत अभियान को और प्रभावी बनाना है।


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