VVS लक्ष्मण का बड़ा बयान: “खिलाड़ी मशीन नहीं हैं”, चोट और रिकवरी पर BCCI CoE ने दी सफाई

 

VVS लक्ष्मण का बड़ा बयान


नई दिल्ली/बेंगलुरु, 10 अगस्त 2026: भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की चोट और फिटनेस को लेकर चल रही चर्चा के बीच VVS लक्ष्मण ने BCCI के Centre of Excellence (CoE) की भूमिका का बचाव किया है। लक्ष्मण ने कहा कि क्रिकेटर मशीन नहीं हैं और हर खिलाड़ी की रिकवरी एक तय समयसीमा में पूरी हो, यह जरूरी नहीं है। �

लक्ष्मण के मुताबिक CoE केवल खिलाड़ियों के चोट से उबरने का केंद्र नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य चोट की रोकथाम, फिटनेस मॉनिटरिंग, रिहैबिलिटेशन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार करना भी है। उन्होंने CoE, टीम मैनेजमेंट, Sports Science & Medicine टीम और चयनकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय होने की बात कही। �


बुमराह और साई सुदर्शन पर भी बोले लक्ष्मण

जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन को श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए फिटनेस की शर्त पर टीम में शामिल किया गया था, लेकिन बाद में दोनों फिटनेस क्लीयरेंस हासिल नहीं कर सके। लक्ष्मण ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में चयन के समय फिटनेस संबंधी स्थिति को लेकर संबंधित पक्षों के बीच रिपोर्ट साझा की जाती है। �


उन्होंने कहा कि खिलाड़ी की रिकवरी के दौरान उसकी प्रगति के आधार पर वर्कलोड धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है। इसलिए किसी खिलाड़ी के पूरी तरह फिट होने की तारीख हमेशा पहले से तय समय पर पूरी हो, ऐसा जरूरी नहीं है। �


CoE की भूमिका पर बढ़ी चर्चा

भारतीय खिलाड़ियों की चोटों और रिहैबिलिटेशन को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच BCCI Centre of Excellence पर भी सवाल उठ रहे हैं। लक्ष्मण का कहना है कि किसी चोट के लिए किसी एक व्यक्ति या संस्था को दोष देना सही नहीं है और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर प्रक्रिया लगातार निगरानी और मूल्यांकन पर आधारित है। �


SBR Groups Disclaimer: यह समाचार उपलब्ध ताजा मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित बयान और घटनाक्रम में आगे बदलाव संभव है।

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