भारत में हर दूसरा कर्मचारी नई नौकरी ढूंढ रहा, Gen Z की हिस्सेदारी दो साल में दोगुनी – ग्रेट प्लेस टू वर्क रिपोर्ट
नई दिल्ली। ग्रेट प्लेस टू वर्क की ताजा रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। भारत के प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर में Gen Z (1997 के बाद जन्मे) कर्मचारियों की हिस्सेदारी सिर्फ दो साल में दोगुनी हो गई है। 2023 में जहां ये 17 प्रतिशत थे, वहीं अब यह आंकड़ा 34 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, देश में लगभग हर दो में से एक कर्मचारी सक्रिय रूप से नई नौकरी की तलाश में है। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि करीब 75 प्रतिशत कर्मचारी अगले 12 महीनों के भीतर अपनी मौजूदा कंपनी छोड़ने की योजना बना रहे हैं।
खासकर फ्रंटलाइन मैनेजर और सुपरवाइजर स्तर पर यह समस्या और गंभीर है। इनमें से 86 प्रतिशत लोग नई नौकरी ढूंढ रहे हैं, जबकि व्यक्तिगत योगदान देने वाले कर्मचारियों में यह आंकड़ा 53 प्रतिशत है।
Gen Z कर्मचारियों की प्राथमिकताएं पिछली पीढ़ियों से काफी अलग हैं। सैलरी, पहचान, प्रमोशन और करियर ग्रोथ को लेकर स्पष्टता न मिलने पर ये जल्दी नौकरी छोड़ देते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियों को अब युवा कर्मचारियों की अपेक्षाओं को समझकर वर्कप्लेस कल्चर, करियर पाथ और रिटेंशन स्ट्रेटजी में बदलाव करना होगा।
यह रिपोर्ट 1.1 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और 130 से अधिक संगठनों के डेटा पर आधारित है। विशेषज्ञों का मानना है कि Gen Z की बढ़ती संख्या के साथ कंपनियों के सामने रिटेंशन की नई चुनौती खड़ी हो गई है।
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