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मंडी: कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के तहत हणोगी के पास क्षतिग्रस्त हुई नवनिर्मित टनल की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण मरम्मत कार्य पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसे सितंबर 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
हणोगी के पास पहाड़ी दरकने के कारण टनल के करीब 24 मीटर लंबे हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके चलते दयोड़ से हणोगी तक तैयार की गई चार टनलों का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद उनमें यातायात शुरू नहीं किया जा सका है।
NHAI ने सौंपा मरम्मत का जिम्मा
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने क्षतिग्रस्त टनल की मरम्मत का जिम्मा गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को सौंपा है। कंपनी द्वारा टनल निर्माण के विशेषज्ञ भारत कंस्ट्रक्शन कंपनी के माध्यम से मरम्मत कार्य करवाया जा रहा है।
काम शुरू करने से पहले क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थिति और सुरक्षा का आकलन करने के लिए कई सर्वे किए गए। आवश्यक तकनीकी जांच और सर्वे पूरा होने के बाद अब मौके पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
अगस्त अंत तक अंदरूनी काम पूरा करने का लक्ष्य
मरम्मत कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। योजना के अनुसार अगस्त के अंत तक टनल के अंदरूनी हिस्से का काम पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि सितंबर के अंत तक बाहरी कार्य भी पूरा करने की तैयारी है।
मरम्मत पूरी होने के बाद दयोड़ से हणोगी तक बनी टनलों को यातायात के लिए खोलने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
चार टनलों में यातायात शुरू होने की उम्मीद
दयोड़ से हणोगी तक फोरलेन परियोजना के तहत चार टनलों का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि हणोगी टनल के क्षतिग्रस्त हिस्से के कारण इनका इस्तेमाल यातायात के लिए नहीं किया जा सका है।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी के अनुसार, दयोड़ से हणोगी तक टनलों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब मुख्य रूप से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम बाकी है। मरम्मत पूरी होने के बाद सुरक्षा और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर टनलों में यातायात शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
कीरतपुर-मनाली फोरलेन हिमाचल प्रदेश के प्रमुख सड़क संपर्क मार्गों में से एक है। हणोगी क्षेत्र में टनलों के यातायात के लिए खुलने से मंडी-मनाली मार्ग पर यात्रा को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से पर्यटन सीजन के दौरान इस मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने में टनलों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
फिलहाल सभी की नजरें मरम्मत कार्य की प्रगति पर हैं। यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार काम पूरा होता है, तो सितंबर के अंत तक हणोगी टनल को यातायात के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।

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