भारत में चीनी की कमी नहीं, कीमतें जल्द घटने की उम्मीद; ISMA ने दी बड़ी जानकारी
नई दिल्ली, 24 अगस्त 2026। देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने साफ किया है कि भारत में चीनी की कोई वास्तविक कमी नहीं है। संगठन के मुताबिक घरेलू मांग और आगामी त्योहारी सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
कीमतों में तेजी की क्या वजह?
ISMA के अनुसार हाल में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई अस्थायी कारण हैं। इनमें मौसम की वजह से उत्पादन में कमी, त्योहारी मांग में बढ़ोतरी, वैश्विक कीमतों में तेजी और कुछ कारोबारियों व थोक खरीदारों की ओर से ज्यादा स्टॉक जमा करना शामिल है।
35 लाख टन क्लोजिंग स्टॉक का अनुमान
ISMA ने 2025-26 सीजन के लिए करीब 279 लाख टन नेट चीनी उत्पादन का अनुमान दिया है। घरेलू खपत करीब 280-285 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि सितंबर के अंत तक करीब 35 लाख टन स्टॉक बचने का अनुमान है।
सरकार के कदमों से मिल सकती है राहत
चीनी की उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। ISMA का कहना है कि आयात और आगामी पेराई सीजन शुरू होने से बाजार में आपूर्ति बेहतर हो सकती है और खुदरा कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
ISMA के मुताबिक मौजूदा स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। संगठन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में आपूर्ति सुधरने के साथ चीनी की कीमतों में नरमी देखने को मिल सकती है।