रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया, 28 अगस्त को खगोलीय घटना; भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण
नई दिल्ली: 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। खगोलीय गणना के अनुसार यह ग्रहण करीब 3 घंटे 18 मिनट तक चलेगा और अपने चरम पर चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया में रहेगा।
भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की प्रमुख अवस्था सुबह के समय होगी। उपलब्ध खगोलीय गणनाओं के मुताबिक आंशिक ग्रहण की शुरुआत करीब सुबह 8:04 बजे, अधिकतम अवस्था करीब 9:43 बजे और समाप्ति करीब 11:21 बजे होगी। हालांकि, इस दौरान चंद्रमा भारत में क्षितिज के नीचे होने के कारण ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा।
रक्षाबंधन पर क्या होगा असर?
रक्षाबंधन 2026 में 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। चूंकि चंद्र ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसके कारण सूतक मानने को लेकर अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं और पंचांग परंपराएं सामने आ सकती हैं। राखी बांधने के शुभ समय के लिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।
कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत के बजाय दुनिया के उन हिस्सों में दिखाई देगा जहां उस समय रात होगी। विभिन्न खगोलीय स्रोतों के अनुसार इसे एशिया के कुछ हिस्सों, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों से देखा जा सकेगा।
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