CBSE स्कूलों में दो महीने में उपलब्ध होंगे सभी अध्यापक, CM बोले, लेक्चरर-असिस्टेंट लेक्चरर के पद भरेगी सरकार
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में 140 स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित किया जा रहा है और अगले दो महीनों के भीतर इन स्कूलों में सभी विषयों के अध्यापक उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। इन स्कूलों के छात्रों के लिए अलग ड्रेस कोड भी निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में जल्द ही लेक्चरर के 400 और असिस्टेंट लेक्चरर के 400 पद भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुणात्मक शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर पहुंच गया था। हमने व्यवस्था परिवर्तन किया और आज हम पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने डा. वाई एस परमार विद्यार्थी ऋण योजना आरंभ की, जिसके तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को 20 लाख रुपए तक का ऋण एक प्रतिशत की दर पर दिया जा रहा है। साथ ही इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार प्रदान कर रही है। अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रुप में अपनाया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने साइंस कॉलेज हमीरपुर के लिए 20 करोड़ रुपए देने की घोषणा भी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर में कैंसर अस्पताल के लिए 300 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। यहां सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक भी स्थापित किया जाएगा और 100 करोड़ रुपए की लागत से मदर एंड चाइल्ड अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बेटियों के बचाव के लिए पूरे प्रदेश में एचपीवी का टीकाकरण किया जा रहा है। प्रदेश सरकार देश की पहली न्यूट्रीशन पॉलिसी लेकर आ रही है।
भ्रष्टाचार के दरवाजे बंद
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद करके 3800 करोड़ रुपए अर्जित किए। पिछली भाजपा सरकार को आरडीजी और जीएसटी कंपनसेशन के रूप में 70 हजार करोड़ रुपए मिले, जबकि हमें आरडीजी के रुप में सिर्फ 17 हजार करोड़ रुपए मिले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के लोगों के अधिकार की लड़ाई लड़ रही है।
ओपीएस से कभी पीछे नहीं हटेगी कांग्रेस सरकार
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पुरानी पेंशन योजना को बंद करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह फैसला राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया है, बल्कि इसका उद्देश्य कर्मचारियों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ओपीएस से कभी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा हम डरने वाले नहीं है। हम हर चुनौती को युद्ध की तरह लड़ते हैं। हमने राजनीतिक चुनौती का भी सामना किया और अब आर्थिक चुनौती का भी डटकर सामना कर रहे हैं।
प्रदेश में स्वास्थ सुविधाओं को किया जा रहा और सुदृढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के बाद राज्य सरकार की दूसरी प्राथमिकता स्वास्थ्य क्षेत्र है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी शिमला में 19 साल पुरानी एमआरआई मशीन लगी हुई थी, जहां अब राज्य सरकार ने थ्री टेस्ला मशीन लगाई गई है। उन्होंने कहा कि एम्स दिल्ली की तर्ज पर सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाए गए हैं, जहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर उपलब्ध करवाए गए हैं।
Reviewed by SBR
on
March 13, 2026
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