भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन, सिंगापुर पर 25 गोल की जीत

June 04, 2026

 


भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम ने सिंगापुर को 25-0 से हराकर ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया है और एशिया कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है।


मंगलवार को हुए मुकाबले में भारतीय टीम की तरफ से 10 अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। नौशीन नाज ने सर्वाधिक सात गोल (8′, 13′, 17′, 18′, 40′, 52′, 58′) किए। गीताश्री नम्मी, जिन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, ने पांच गोल (13′, 28′, 47′, 48′, 60′) किए, जबकि कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार गोल (2′, 24′, 38′, 45′) किए।


प्रियंका मिंज ने भी हैट्रिक (22′, 37′, 53′) बनाई, जबकि दीया (27′), नैन्सी सरोहा (36′), श्रुति कुमारी (40′), पुष्पा मांझी (47′), रश्मीन कौर (47′), और संदीपा कुमारी (51′) ने 1-1 गोल किए।





भारतीय टीम ने अपने आक्रामक खेल से मैच की शुरुआत में ही अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। कप्तान स्वीटी ने दूसरे मिनट में गोल किया। फिर नौशीन ने आठवें मिनट में बढ़त बढ़ाई। गीताश्री और नौशीन दोनों ने 13वें मिनट में गोल कर मैच पर भारत का दबदबा स्थापित कर दिया।


दूसरे क्वार्टर में, भारतीय टीम ने अपना दबदबा और बढ़ाया, नौशीन ने दो तेज गोल किए। इसके बाद प्रियंका और स्वीटी ने हाफटाइम से पहले भारत की बढ़त बढ़ाने में मदद की।


ब्रेक के बाद भी गोलों का सिलसिला जारी रहा। दीया और गीताश्री ने तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही गोल किए, जिसमें नैन्सी, प्रियंका, स्वीटी, नौशीन और श्रुति सभी ने गोल किए, जिससे भारत ने सिंगापुर की रक्षापंक्ति को तोड़ दिया। भारत ने आखिरी क्वार्टर में दस गोल किए। अंडर-18 स्तर पर भारतीय टीम के सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में से यह एक है।



भारत ने मलेशिया, कोरिया और सिंगापुर के खिलाफ जीत हासिल की, और पूल ए में बिना हारे रिकॉर्ड और 9 अंक के साथ टॉप पर रहा। भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है।


(इनपुट-आईएएनएस)

भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन, सिंगापुर पर 25 गोल की जीत भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन, सिंगापुर पर 25 गोल की जीत Reviewed by SBR on June 04, 2026 Rating: 5

President Droupadi Murmu says India and Lao PDR share close civilizational ties reflectring common heritage

June 04, 2026

 



President Droupadi Murmu has said that India and Lao PDR share close civilisational ties, reflected in common heritage of Buddhism and the Ramayana. She added that this year both nations are celebrating the 70th anniversary of the establishment of diplomatic relations, which is a significant milestone in the bilateral relationship.

 

Welcoming Deputy Prime Minister and Foreign Minister of Lao PDR, Thongsavan Phomvihane, yesterday at Rashtrapati Bhavan, President Murmu noted that in October 2024, Prime Minister Narendra Modi visited Lao PDR to participate in the ASEAN-related Summits. During the visit, several agreements were concluded, giving fresh momentum to cooperation between both nations.

 

The President said that while bilateral trade between India and Lao PDR has grown, there remains considerable scope for further progress in trade and investment. She said India would be happy to expand cooperation with Lao PDR in areas including information and communication technology, health, medicine, agriculture, irrigation, manufacturing, renewable energy and electricity.

 

The President also expressed happiness that the development partnership between the two countries has become even stronger and is aligned with the aspirations of Lao youth and the country’s socio-economic development needs. The two leaders agreed that close cooperation between the two nations can bring immense benefits to their peoples.

President Droupadi Murmu says India and Lao PDR share close civilizational ties reflectring common heritage President Droupadi Murmu says India and Lao PDR share close civilizational ties reflectring common heritage Reviewed by SBR on June 04, 2026 Rating: 5

पीएम मोदी 5 जून को रहेंगे सूरत और दमन के दौरे पर, 21,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

June 04, 2026

 



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून 2026 को गुजरात के सूरत और केंद्र शासित प्रदेश दमन का दौरा करेंगे। इस दौरान वे सूरत और दमन में कुल ₹21,770 करोड़ से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, राष्ट्र को समर्पण और आधारशिला रखेंगे।


कार्यक्रम का समय और विवरण:


सूरत में तय कार्यक्रम


– दोपहर करीब 2:30 बजे प्रधानमंत्री सूरत जिले के हजीरा पहुंचेंगे और वहां चल रहे औद्योगिक तथा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का जायजा लेंगे।

– शाम करीब 4:15 बजे सूरत में ₹18,800 करोड़ की लागत वाले विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

– इस मौके पर वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे।


मुख्य परियोजनाएं (सूरत):


– वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज VI और VII को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

– NH-56 के चार लेन वाले हिस्सों की आधारशिला (आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच बढ़ाने के लिए)

– 200 बिस्तरों वाला ESIC अस्पताल

– बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार

– दहेज पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र (PCPIR), सारिगाम गुजरात औद्योगिक विकास निगम (GIDC) अपशिष्ट उपचार संयंत्र, जंबूसर बल्क ड्रग पार्क लेआउट सुविधाएं आदि शामिल हैं।


दमन में तय कार्यक्रम


– शाम करीब 6:15 बजे प्रधानमंत्री दमन पहुंचेंगे।

– NAMO हवाई अड्डे की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे

– NAMO अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित करेंगे

– शाम 7:15 बजे ₹2,970 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे

– लक्षद्वीप के लिए ₹885 करोड़ की 4 महत्वपूर्ण परियोजनाओं (बंदरगाह विकास) की आधारशिला रखेंगे।


दमन की प्रमुख परियोजनाएं:


– Iconic Bridge, दमन कन्वेंशन सेंटर, NIFT परिसर

– NAMO हवाई अड्डा टर्मिनल और NAMO अस्पताल (₹1,340 करोड़)


प्रधानमंत्री की इस यात्रा को गुजरात और दादरा-नगर हवेली-दमन-दीव के समग्र विकास को नई गति देने वाली माना जा रहा है। इन परियोजनाओं से कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यटन, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है। यह दौरा विकास कार्यों को तेजी देने और जनता से सीधा संवाद करने की प्रधानमंत्री की निरंतर रणनीति का हिस्सा है। 


इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए भी लगभग ₹885 करोड़ की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं में कल्पेनी द्वीप और कदमत द्वीप दोनों के पूर्वी और पश्चिमी किनारों पर बंदरगाह सुविधाओं का विकास शामिल है। इन बहुउद्देशीय जेटी के विकास से 300 मीटर तक की लंबाई वाले क्रूज जहाजों सहित बड़े यात्री जहाजों की साल भर गोदी (berthing) करने की सुविधा मिलेगी। 


ये परियोजनाएं यात्रियों और माल की सुरक्षित और कुशल आवाजाही को सक्षम बनाएंगी, साथ ही मछली प्रबंधन, ईंधन वितरण, बर्फ की आपूर्ति और नाव की मरम्मत के लिए एकीकृत सुविधाएं प्रदान करेंगी। ये पहलें समुद्री संपर्क को मज़बूत करेंगी, स्थानीय मछुआरों की आजीविका में सहायता करेंगी, पर्यटन को बढ़ावा देंगी और द्वीपों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी। (इनपुट-पीआईबी)

पीएम मोदी 5 जून को रहेंगे सूरत और दमन के दौरे पर, 21,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात पीएम मोदी 5 जून को रहेंगे सूरत और दमन के दौरे पर, 21,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात Reviewed by SBR on June 04, 2026 Rating: 5

Supreme Court says WFI plea against Vinesh Phogat trial order has become infructuous

June 04, 2026



The Supreme Court today said the plea of the Wrestling Federation of India against the Delhi High Court order allowing wrestler Vinesh Phogat to participate in selection trials has become infructuous in view of subsequent developments. A bench of Justices PS Narasimha and Aravind Kumar, which refused to go into the observations made by the high court, said this court should not be taken as having reiterated the findings and observations made in the order. The bench said all the issues are left open. 

 

Appearing for the WFI, Senior Advocate DN Goburdhun said Phogat was allowed to participate in the selection trial, but she did not succeed. The bench told him that the issue has now become infructuous. 

 

Goburdhun submitted that there were certain observations made by the High Court with regard to decisions of the Federation, terming them “malafide” and “deplorable”. The senior counsel had submitted that all these observations would have to go as the matter is pending before the single bench.

 

The top court then left the questions open and disposed of the plea as infructuous. 

 

On May 29, the top court permitted Phogat to participate in the selection trials to be held on May 30 and 31 for the Asian Games 2026. The Wrestling Federation of India (WFI) had challenged the Delhi High Court order of May 22 allowing Phogat to participate in the selection trials.

Supreme Court says WFI plea against Vinesh Phogat trial order has become infructuous Supreme Court says WFI plea against Vinesh Phogat trial order has become infructuous Reviewed by SBR on June 04, 2026 Rating: 5

EAM Jaishankar calls on Venezuela Acting President Delcy Rodríguez in New Delhi

June 04, 2026




 External Affairs Minister S Jaishankar called on acting President Delcy Rodríguez of Venezuela in New Delhi this morning. In a social media post, Dr Jaishankar said, India values her longstanding commitment to the India – Venezuela relationship. The External Affairs Minister said that her meeting with Prime Minister Narendra Modi will further strengthen the cooperation between the two nations.

EAM Jaishankar calls on Venezuela Acting President Delcy Rodríguez in New Delhi EAM Jaishankar calls on Venezuela Acting President Delcy Rodríguez in New Delhi Reviewed by SBR on June 04, 2026 Rating: 5

बुढ़ापा पैंशन से ‘प्राण वायु देवता पैंशन’ तक : अनोखी पहल

June 04, 2026

 



हरियाणा की पहचान केवल कृषि, खेल और सैनिक परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा की अनेक जनहितकारी योजनाओं के कारण भी राज्य ने पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। जब भी वृद्धावस्था पैंशन की बात होती है तो लोगों को सबसे पहले चौधरी देवीलाल का नाम याद आता है। हरियाणा देश का पहला राज्य माना जाता है जिसने बुजुर्गों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के लिए बुढ़ापा पैंशन जैसी योजना को लागू किया। 


यही कारण है कि आज भी करोड़ों लोग चौधरी देवीलाल को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करते हैं। समय के साथ हरियाणा की विभिन्न सरकारों ने सामाजिक सुरक्षा की इस परंपरा को आगे बढ़ाया और इसे नई सोच के साथ विस्तारित किया। इसी क्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 26 अक्तूबर 2023 को एक ऐसी अनोखी योजना शुरू की, जिसने न केवल देश बल्कि दुनिया का ध्यान भी आकर्षित किया। इस योजना का नाम है प्राण वायु देवता पैंशन योजना।


आमतौर पर पैंशन मनुष्यों को दी जाती है, लेकिन हरियाणा सरकार ने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृक्षों को भी सम्मान देने का निर्णय लिया। इस योजना के अंतर्गत ऐसे वृक्षों के संरक्षण और देखभाल के लिए उनके मालिकों को प्रतिवर्ष 2750 रुपए की पैंशन प्रदान की जाती है। योजना की बढ़ती लोकप्रियता और जनभागीदारी को देखते हुए सरकार ने अब इस राशि को बढ़ाकर 3000 रुपए प्रतिवर्ष कर दिया है। योजना शुरू होने के समय लगभग 3810 वृक्ष इसके अंतर्गत पंजीकृत थे, जिन्हें वार्षिक पैंशन का लाभ दिया जा रहा था। आज इन वृक्षों की संख्या बढ़कर लगभग 5000 तक पहुंच चुकी है। यह केवल एक सरकारी आंकड़ा नहीं है, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक हो रहे हैं और वृक्षों को केवल लकड़ी या भूमि उपयोग के साधन के रूप में नहीं बल्कि जीवनदाता के रूप में देखने लगे हैं।


वास्तव में वृक्ष मानव जीवन के सबसे बड़े संरक्षक हैं। वे हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, वातावरण को शुद्ध बनाते हैं, भूजल संरक्षण में मदद करते हैं, तापमान को नियंत्रित करते हैं और जैव विविधता को सुरक्षित रखते हैं। बढ़ते शहरीकरण, औद्योगीकरण और जनसंख्या दबाव के कारण दुनिया भर में जंगलों का क्षेत्र लगातार घट रहा है। इसका सीधा प्रभाव जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, अनियमित वर्षा, सूखा और बाढ़ जैसी समस्याओं के रूप में सामने आ रहा है। ऐसे समय में यदि किसी राज्य की सरकार वृक्षों को सम्मान देने और उनके संरक्षण के लिए आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान करती है तो यह निश्चित रूप से एक दूरदर्शी और अनुकरणीय पहल कही जाएगी। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इसी सोच को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरूआत की। यह अभियान केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भावनाओं से जुड़ा एक जनआंदोलन बन गया। 


इस अभियान के अंतर्गत पर्यावरण मंत्रालय द्वारा 80 करोड़ पौधे लगाने का रिकॉर्ड लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त किया गया। देश के विभिन्न राज्यों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, पंचायतों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे भी लाखों पौधे लगाए गए, जिससे हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ सड़क किनारे पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में सहायता मिली। यदि भारत के वन क्षेत्र की स्थिति पर नजर डालें तो यह स्पष्ट होता है कि अभी भी हमारे सामने बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं। भारत का कुल वन क्षेत्र लगभग 6.78 लाख वर्ग किलोमीटर है जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 20.64 प्रतिशत है। राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार देश के कुल क्षेत्रफल का लगभग 33 प्रतिशत भाग वनाच्छादित होना चाहिए, अर्थात अभी भी हमें काफी दूरी तय करनी है। वन क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत में सबसे अधिक जंगल मध्य प्रदेश में हैं। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र का स्थान आता है। ये राज्य क्षेत्रफल के आधार पर सबसे अधिक वन संपदा रखते हैं।


दूसरी ओर कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां वन क्षेत्र अपेक्षाकृत बहुत कम है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश इस श्रेणी में आते हैं। हरियाणा में वन क्षेत्र लगभग 3 से 4 प्रतिशत के आसपास है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। सीमित वन क्षेत्र, बढ़ती आबादी, औद्योगिक विकास और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था जैसी परिस्थितियां राज्य के सामने विशेष चुनौतियां प्रस्तुत करती हैं। यही कारण है कि हरियाणा में प्राण वायु देवता पैंशन योजना जैसी अभिनव पहल की आवश्यकता महसूस की गई। यह योजना केवल पुराने वृक्षों को बचाने का प्रयास नहीं है, बल्कि समाज में यह संदेश देने का माध्यम भी है कि वृक्ष हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं और उनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।


इन सभी प्रयासों का मूल उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना, समाज को संवेदनशील बनाना और भविष्य को सुरक्षित करना है। यदि प्रत्येक नागरिक कम से कम एक पौधा लगाए, उसकी देखभाल करे और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो वह दिन दूर नहीं जब भारत न केवल आर्थिक महाशक्ति बनेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

बुढ़ापा पैंशन से ‘प्राण वायु देवता पैंशन’ तक : अनोखी पहल बुढ़ापा पैंशन से ‘प्राण वायु देवता पैंशन’ तक : अनोखी पहल Reviewed by SBR on June 04, 2026 Rating: 5

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारतीय वायु सेना ने अत्याधुनिक रुद्र एम-II वायु-से-सतह मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया

June 03, 2026

 



रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने स्वदेशी रुद्र एम-II वायु-से-सतह मिसाइल का हवाई प्लेटफॉर्म से सफल उड़ान परीक्षण किया। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों और महत्वपूर्ण प्रक्षेप पथ पर किए गए इन परीक्षणों ने मिसाइल की सटीकता, विश्वसनीयता तथा इसकी सभी प्रमुख उपप्रणालियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रमाणित किया।




प्रक्षेपित की गईं सभी मिसाइलों ने पूर्वनिर्धारित लक्ष्यों पर अत्यंत सटीकता के साथ प्रहार किया। चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) द्वारा तैनात उन्नत ट्रैकिंग एवं रेंज उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों ने पुष्टि हुई कि परीक्षण के सभी निर्धारित उद्देश्य सफलतापूर्वक और पूर्ण रूप से हासिल कर लिए गए।


रुद्रम-II को स्वदेशी रूप से हैदराबाद स्थित इमारत अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जो डीआरडीओ की नोडल प्रयोगशाला है। इसने रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, शस्त्र अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान और आईटीआर जैसी अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं के सहयोग से यह कार्य किया है। विकास सह उत्पादन साझेदारों (डीसीपीपी) के साथ-साथ, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, क्षेत्रीय सैन्य विमानन योग्यता केंद्र, मिसाइल प्रणाली गुणवत्ता आश्वासन एजेंसी और कई अन्य उद्योगों ने भी इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रुद्रम-II के सफल परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योग जगत के सभी सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन परीक्षणों ने भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती परिपक्वता, विश्वसनीयता और क्षमता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्नत हथियार प्रणालियों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगी और हमारी रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर परीक्षण से जुड़ी सभी वैज्ञानिक, तकनीकी व परिचालन टीमों को बधाई दी।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारतीय वायु सेना ने अत्याधुनिक रुद्र एम-II वायु-से-सतह मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और भारतीय वायु सेना ने अत्याधुनिक रुद्र एम-II वायु-से-सतह मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया Reviewed by SBR on June 03, 2026 Rating: 5

प्रदर्शनकारी वकीलों पर FIR, प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन और सडक़ जाम करने का आरोप, जांच शुरू

June 03, 2026

 


राजधानी शिमला में हाई कोर्ट के वकीलों का रोड परमिट विवाद इतना तूल पकड़ गया कि वकीलों ने राज्य सचिवालय के गेट पर पहुंच कर धरना दिया। आननफानन में मुख्य गेट को बंद करना पड़ा। करीब अढ़ाई घंटे वकीलों ने गेट के बाहर नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से वकीलों की बात हुई। हालांकि मंगलवार को हुए इस प्रदर्शन के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार कुछ लोग बिना अनुमति सचिवालय के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गए और वहां प्रदर्शन किया। इस दौरान सडक़ पर भीड़ जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ और आम लोगों तथा वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में पुलिस थाना पूर्व (ईस्ट) शिमला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।


आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक मार्ग पर अवरोध पैदा किया, प्रशासन के वैध आदेशों का पालन नहीं किया और लोगों को असुविधा पहुंचाई। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध होने के बावजूद प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्र में एकत्र हुए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का प्रदर्शन निर्धारित नियमों और प्रशासन द्वारा तय स्थानों पर ही किया जाए, ताकि आम जनता को असुविधा न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे।


इन वकीलों के खिलाफ दर्ज हुआ केस


प्रदर्शनकारियों में मुख्यत: हमिंद्र चंदेल अध्यक्ष बार एसोसिएशन, डीएस कैंथ, शीतल व्यास, बिदुषी, राजीव सरकेक, नीरज गुप्ता, राकेश मनु चौहान, एचकेएस ठाकुर की पहचान हुई है। पुलिस के अनुसार उक्त अधिवक्ताओं की अगवाई में करीब 150-160 अधिवक्ताओं द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना प्रदर्शन करके यातायात को अवरुद्ध करके सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की है। उपरोक्त अधिवक्ताओं द्वारा प्रशासन की अनुमति के बिना प्रतिबंधित क्षेत्र में यातायात अवरुद्ध करने का केस दर्ज किया गया।


रोड परमिट को हाई पावर्ड कमेटी बनाएगी सरकार


मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रधान हेमेंद्र चंदेल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस विवाद पर हाई पावर्ड कमेटी बनाने को कहा है। तब तक बार एसोसिएशन वकीलों की गाडिय़ों की लिस्ट देगी, ताकि उन्हें आने-जाने से रोका न जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने राज्य सरकार ने वकीलों के लिए सस्ती दरों वाले परमिट देने को कहा है। गौरतलब है कि शिमल रोड यूजर एक्ट में संशोधन के बाद अब सील्ड सडक़ों का परमिट 2500 से 10 हजार का हो गया है। इससे पहले वकीलों के लिए बिना परमिट आने-जाने की सहमति थी।

प्रदर्शनकारी वकीलों पर FIR, प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन और सडक़ जाम करने का आरोप, जांच शुरू प्रदर्शनकारी वकीलों पर FIR, प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन और सडक़ जाम करने का आरोप, जांच शुरू Reviewed by SBR on June 03, 2026 Rating: 5

रोहड़ू की रवीना की फिल्म ‘कृष्णा और चिट्ठी’ को मिल रहा अपार प्यार

June 03, 2026

 



शिमला के रोहड़ू से ताल्लुक रखने वाली रवीना ठाकुर भारतीय फिल्म जगत में अलग पहचान बना रही हैं। करीब 10 साल पहले फिल्म मेकर के तौर पर अपने सफर की शुरुआत करने वाली रवीना आज आध्यात्मिक और सार्थक सिनेमा का एक जाना-पहचाना नाम बन चुकी हैं। रवीना ठाकुर ने बताया कि हिमाचल की देवभूमि में बचपन से आध्यात्मिक माहौल देखने की वजह से उनकी रुचि हमेशा से ऐसी फिल्मों की तरफ रही।


यही वजह है कि उनकी निर्मित फिल्म ‘कृष्णा और चि_ी’ दर्शकों और भक्तों के बीच खास पसंद की जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, प्रेम और जीवन मूल्यों पर आधारित इस फिल्म को लगातार सराहना मिल रही है। रवीना हिमाचल की पहली युवा प्रोड्यूसर हैं, जो आध्यात्मिक फिल्मों में रुचि रखती हैं।

रोहड़ू की रवीना की फिल्म ‘कृष्णा और चिट्ठी’ को मिल रहा अपार प्यार रोहड़ू की रवीना की फिल्म ‘कृष्णा और चिट्ठी’ को मिल रहा अपार प्यार Reviewed by SBR on June 03, 2026 Rating: 5
Powered by Blogger.