हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग ने विभागीय अधिकारियों के लिए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 40 कनिष्ठ अभियंताओं (Junior Engineers) को सहायक अभियंता (Assistant Engineer-Civil) के पद पर पदोन्नत कर दिया है। विभाग का मानना है कि इस निर्णय से विभाग की तकनीकी एवं प्रशासनिक कार्यक्षमता को और मजबूती मिलेगी।
विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि 08 जुलाई 2026 को आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक में पात्र कनिष्ठ अभियंताओं को स्वीकृत रिक्त पदों पर पदोन्नति देने की अनुशंसा की गई थी।
22 डिप्लोमा और 18 स्नातक श्रेणी के जेई हुए प्रमोट
जारी आदेशों के अनुसार पदोन्नत अधिकारियों में—
- 22 कनिष्ठ अभियंता डिप्लोमा श्रेणी से
- 18 कनिष्ठ अभियंता स्नातक/AMIE श्रेणी से
शामिल हैं।
श्रेणीवार पदोन्नति
पदोन्नत अधिकारियों में—
- सामान्य वर्ग – 21
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 6
- अनुसूचित जाति (SC) – 9
- अनुसूचित जनजाति (ST) – 4
अधिकारी शामिल हैं।
12 जेई को एसडीओ पद पर भी मिली पदोन्नति
विभाग ने निकट भविष्य में रिक्त होने वाले पदों को ध्यान में रखते हुए 12 कनिष्ठ अभियंताओं को एसडीओ (Sub Divisional Officer) के पद पर भी पदोन्नत किया है।
विभाग की कार्यक्षमता होगी मजबूत
प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि इन पदोन्नतियों से विभाग की प्रशासनिक एवं तकनीकी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे पेयजल, सिंचाई तथा जल संसाधन विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि जल शक्ति विभाग प्रदेश में पेयजल आपूर्ति, सिंचाई एवं जल संसाधनों के विकास, संचालन और रखरखाव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहा है और इन पदोन्नतियों से विभाग की संस्थागत क्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी।
हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये पदोन्नतियां उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न याचिकाओं पर आने वाले अंतिम निर्णय के अधीन प्रभावी रहेंगी।
Reviewed by SBR
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7/12/2026 03:23:00 PM
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