अंतरराष्ट्रीय भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित ओलंपियाड 2026 में भारतीय छात्रों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक अपने नाम किए। परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित छात्रों की इस उपलब्धि ने वैश्विक स्तर पर विज्ञान और गणित के क्षेत्र में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी है।
भौतिकी और रसायन विज्ञान में ऐतिहासिक उपलब्धि
भारत ने अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड में सभी पांच स्वर्ण पदक जीतकर संयुक्त रूप से विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड में भी भारतीय टीम ने सभी चार स्वर्ण पदक जीतकर संयुक्त रूप से विश्व चैंपियन का दर्जा प्राप्त किया।
जीव विज्ञान और गणित में भी शानदार प्रदर्शन
अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने एक स्वर्ण और तीन रजत पदक जीते। वहीं, अंतरराष्ट्रीय गणितीय ओलंपियाड में भारत के खाते में दो स्वर्ण और चार रजत पदक आए। चारों ओलंपियाड को मिलाकर भारत ने कुल 12 स्वर्ण और 7 रजत पदक हासिल किए।
चार दशक से प्रतिभाओं को संवार रहा है डीएई
परमाणु ऊर्जा विभाग पिछले लगभग चार दशकों से राष्ट्रीय ओलंपियाड कार्यक्रम के माध्यम से देश के प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान, मार्गदर्शन और उन्नत प्रशिक्षण का कार्य कर रहा है। इस कार्यक्रम का संचालन टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) के अंतर्गत होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (एचबीसीएसई) राष्ट्रीय नोडल केंद्र के रूप में करता है।
डीएई प्रमुख ने दी बधाई
परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने छात्रों की उपलब्धि को राष्ट्रीय गौरव बताते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों की मेहनत, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के समर्पण तथा वर्षों में विकसित मजबूत संस्थागत व्यवस्था का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह भारत की वैज्ञानिक सोच और उत्कृष्टता का उत्सव है।
एचबीसीएसई ने बताया टीमवर्क की जीत
एचबीसीएसई के निदेशक प्रो. अर्नब भट्टाचार्य ने कहा कि विभाग के निरंतर सहयोग और वैज्ञानिक प्रतिभाओं को विकसित करने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता ने इस सफलता को संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन देशभर में विज्ञान और गणित के प्रति उत्कृष्टता की संस्कृति को मजबूत करता है।
मजबूत राष्ट्रीय तंत्र का मिला लाभ
डीएई ने टीआईएफआर और एचबीसीएसई के माध्यम से वैज्ञानिकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थानों और विषय विशेषज्ञों का एक सशक्त राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार किया है। इसी सहयोगात्मक व्यवस्था के कारण कई पीढ़ियों के ओलंपियाड विजेता आज देश और विदेश में उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
विज्ञान आधारित भविष्य के निर्माण पर जोर
परमाणु ऊर्जा विभाग ने सभी पदक विजेताओं, टीम लीडरों, मेंटरों, वैज्ञानिक पर्यवेक्षकों और सहयोगी संस्थानों को बधाई देते हुए कहा कि वैज्ञानिक शिक्षा और प्रतिभा संवर्धन में निरंतर निवेश भारत को वैश्विक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग ने भविष्य में भी युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने और वैज्ञानिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। (इनपुट: पीआईबी)
Reviewed by SBR
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7/22/2026 04:19:00 PM
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