जिला सोलन की सीमा से सटे क्षेत्र में स्थित एक बिरोजा फैक्टरी व शिक्षण संस्थान की गतिविधियों के चलते शूलिनी खड्ड का पानी दूषित होने की बात सामने आई है, जिससे आसपास के इलाकों में जल गुणवत्ता को लेकर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों का कहना है इन संस्थानों से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट के कारण खड्ड का पानी प्रदूषित हुआ है, जिससे जिला सिरमौर की दो प्रमुख पेयजल योजनाएं प्रभावित हो गई हैं। इसके चलते पंच्छाद विधानसभा क्षेत्र की शीनाघाट, डिलमन और कोटला पंजौल पंचायतों में पिछले 20 से 25 दिनों से लगभग 15 हजार लोग भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। वीरवार को पेयजल समस्या को लेकर तीनों पंचायतों का बड़ा प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा से मिला व उन्हें ग्रामीणों की स्थिति से अवगत करवाया कि दूषित पानी के कारण जल शक्ति विभाग द्वारा लिए गए सैंपल फेल हो गए हैं, जिसके चलते विभाग ने दोनों पेयजल योजनाओं से पानी की आपूर्ति रोक दी है। इससे न केवल लोगों के पीने के पानी की समस्या बढ़ गई है, बल्कि पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था करना कठिन हो गया है। बारिश न होने के कारण हालात दिन-व-दिन और गंभीर होते जा रहे हैं।
डीसी के बोल
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसडीएम सोलन की अध्यक्षता में चार सदस्यीयमेटी गठित कर दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में यदि आरोप सही पाए गए तो उनके के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रासायनिक अपशिष्ट से संकट
शीनाघाट पंचायत की प्रतिनिधि सुषीता ने बताया कि उनकी पंचायत बिरोजा फैक्टरी से सटी हुई है और वहीं से निकलने वाला रासायनिक अपशिष्ट खड्ड में मिल रहा है। इसके कारण पंचायत की सभी पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
25 दिन से परेशान
कोटला पंजौल पंचायत के प्रधान हेमराज कश्यप ने बताया कि उनकी पंचायत के लोग पिछले 25 दिन से पानी की भारी किल्लत झेल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिरोजा फैक्ट्री और निजी शिक्षण संस्थान से निकलने वाला दूषित पानी सीधे शूलिनी खड्ड में डाला जा रहा है, जिससे खड्ड का जल पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है और दो पेयजल योजनाएं बंद करनी पड़ीहैं।
मजबूरन पहुंचे उपायुक्त के पास
डिलमन पंचायत के उपप्रधान दुर्गेश शर्मा ने कहा कि दूषित पानी के कारण तीनों पंचायतों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में भी शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन अब तक कार्रवाई केवल पानी के सैंपल लेने तक ही सीमित रही है। इसी वजह से मजबूर होकर ग्रामीणों को उपायुक्त सोलन के पास आना पड़ा।
Reviewed by SBR
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January 09, 2026
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