ऑपरेशन भगोड़ा: UAE से भारत लाया गया वीरेंद्र बसोया, 13 हजार करोड़ के ड्रग्स केस में वांटेड

8/14/2026 08:17:00 pm

 


ऑपरेशन भगोड़ा: UAE से भारत लाया गया वीरेंद्र सिंह बसोया, 13 हजार करोड़ के ड्रग्स केस में वांटेड

विदेश में छिपे ड्रग तस्करों के खिलाफ भारतीय एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। वीरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत वापस लाया गया है। वह करीब 13 हजार करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामदगी से जुड़े मामले में वांटेड था।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की कार्रवाई के बाद बसोया को भारत लाया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। 

970 किलो मेफेड्रोन की बरामदगी से खुला नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार, वीरेंद्र बसोया का नाम एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की जांच में सामने आया था। इस नेटवर्क से जुड़े मामले में 970 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया था।

जांच में कथित तौर पर सामने आया कि ड्रग्स की बड़ी खेप को सामान्य कंसाइनमेंट के रूप में विदेश भेजने के लिए लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा था। एजेंसियों ने नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया था। 

13 हजार करोड़ के ड्रग्स मामले में भी वांटेड

वीरेंद्र सिंह बसोया का नाम दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा पकड़ी गई करीब 13 हजार करोड़ रुपये की ड्रग्स से जुड़े मामले में भी सामने आया है। जांच एजेंसियां उसके कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही हैं। (

जांच के दौरान उसके बेटे ऋषभ बसोया का नाम भी सामने आया है। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने की जानकारी सामने आई है और उसकी तलाश जारी है।

विदेश भागना अब आसान नहीं

भारतीय एजेंसियों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में 401 भगोड़े अपराधियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की कार्रवाई हुई है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय और तकनीक के इस्तेमाल से विदेशों में छिपे आरोपियों तक पहुंचने में तेजी आई है।

वीरेंद्र सिंह बसोया की भारत वापसी को अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब एजेंसियों का फोकस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और विदेशों में छिपे लोगों तक पहुंचने पर है। 

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ऑपरेशन भगोड़ा: UAE से भारत लाया गया वीरेंद्र बसोया, 13 हजार करोड़ के ड्रग्स केस में वांटेड


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30 टन मक्का बेचकर ट्रक का कराया एक्सीडेंट, ड्राइवर समेत 4 गिरफ्तार

8/14/2026 08:15:00 pm

 


30 टन मक्का बेचकर ट्रक का कराया एक्सीडेंट, ड्राइवर समेत 4 गिरफ्तार

झारखंड के गढ़वा जिले में मक्का से लदे ट्रक की चोरी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर करीब 30 टन मक्का बरामद किया है। 

पुलिस के अनुसार, ट्रक में करीब 30 टन मक्का लदी थी और उसे रेहला से छत्तीसगढ़ ले जाया जा रहा था। ट्रक को पंकज कुमार उर्फ पंकज पासवान चला रहा था। आरोप है कि रास्ते में ड्राइवर ने अपने कारोबारी साथियों के साथ मिलकर मक्का बेचने की योजना बनाई।

चोरी छिपाने के लिए रचा एक्सीडेंट का प्लान

आरोप है कि रंका इलाके में पहुंचने के बाद ट्रक में लदी पूरी मक्का व्यापारी संतोष कुमार को बेच दी गई। इसके बाद चोरी को छिपाने के लिए ट्रक को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त कराया गया।

खुथूवा मोड़ से आगे ट्रक का एक्सीडेंट कराया गया और इसके बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस को शुरू में मामला सड़क हादसा नजर आया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पूरी साजिश सामने आ गई। 

शिकायत के बाद खुला पूरा मामला

व्यवसायी ओमप्रकाश शुक्ला ने 11 अगस्त को रंका थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में ड्राइवर पर करीब 30 टन मक्का चोरी कर बेचने का आरोप लगाया गया था।

इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारी के आधार पर जांच शुरू की और ड्राइवर तक पहुंची। जांच के दौरान करीब 30 टन मक्का बरामद कर ली गई और मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 



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चिकित्सा पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए CCRAS-NIIHM और सेवाधी संग्रहालय में समझौता

8/14/2026 08:05:00 pm

 



चिकित्सा पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए CCRAS-NIIHM और सेवाधी संग्रहालय में समझौता

भारत की पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान विरासत को संरक्षित करने और शोध के लिए सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। आयुष मंत्रालय के केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS) के हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा विरासत संस्थान (NIIHM) और केरल के कुमारनल्लूर स्थित सेवाधी संग्रहालय एवं इंडोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 

📜 30 हजार से अधिक पांडुलिपियों का संग्रह

सेवाधी संग्रहालय में मंदिर अभिलेखों सहित 30,000 से अधिक पांडुलिपियों का विशाल संग्रह मौजूद है। इनमें आयुर्वेद और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा से जुड़ी कई दुर्लभ एवं ऐतिहासिक रचनाएं शामिल हैं। 

इन पांडुलिपियों में उपचार पद्धतियों, औषधियों, निदान संबंधी अवधारणाओं और भारतीय चिकित्सा परंपराओं के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है।

💻 सैकड़ों चिकित्सा पांडुलिपियों का होगा डिजिटलीकरण

समझौते के तहत CCRAS-NIIHM द्वारा सैकड़ों चिकित्सा पांडुलिपियों का उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटलीकरण किया जाएगा। साथ ही उनकी विस्तृत वर्णनात्मक सूची तैयार की जाएगी।

इस सूची में पांडुलिपि का शीर्षक, लेखक, विषय, भाषा, लिपि, सामग्री, पृष्ठ विवरण, स्थिति और उत्पत्ति जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जाएंगी। इससे शोधकर्ताओं के लिए इन दुर्लभ दस्तावेजों को खोजना और उनका अध्ययन करना आसान होगा।

🔬 आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा को मिलेगा बढ़ावा

इस पहल से पांडुलिपि विज्ञान, डिजिटल संरक्षण, पाठ्य अध्ययन और आयुर्वेदिक साहित्यिक अनुसंधान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। डिजिटल संसाधन भविष्य में शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और चिकित्सा इतिहासकारों के लिए महत्वपूर्ण ज्ञान स्रोत बन सकते हैं।

यह पहल ज्ञान भारतम मिशन के तहत भारत की हस्तलिखित विरासत के संरक्षण, डिजिटलीकरण और प्रसार के प्रयासों से भी जुड़ी है।

🏛️ ऑन-साइट डिजिटलीकरण शुरू

CCRAS-NIIHM की विशेषज्ञ टीम ने पांडुलिपियों के ऑन-साइट डिजिटलीकरण का काम भी शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य दुर्लभ चिकित्सा ज्ञान को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों और शोधकर्ताओं तक पहुंचाना है।



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AI से Cyber Security तक स्किलिंग पर जोर, FutureSkills PRIME से जुड़े 34 लाख युवा

8/14/2026 08:01:00 pm

 


AI से Cyber Security तक स्किलिंग पर जोर, FutureSkills PRIME से जुड़े 34 लाख से ज्यादा युवा

भारत में युवाओं को AI, Cyber Security, Big Data, Cloud Computing और Semiconductor जैसी उभरती तकनीकों के लिए तैयार करने की दिशा में FutureSkills PRIME कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार के अनुसार, अब तक 34 लाख से अधिक उम्मीदवार FutureSkills PRIME पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। 

इनमें 23 लाख से अधिक युवाओं ने प्रशिक्षण लिया, जबकि 13 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने कोर्स पूरा कर प्रमाणपत्र हासिल किया है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 12 अगस्त 2026 को लोकसभा में दी। 

💻 AI से साइबर सिक्योरिटी तक प्रशिक्षण

FutureSkills PRIME को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने NASSCOM के साथ मिलकर शुरू किया है। इसका उद्देश्य युवाओं और कामकाजी लोगों को Skilling, Reskilling और Upskilling के अवसर उपलब्ध कराना है।

पोर्टल पर AI, Big Data Analytics, IoT, Cyber Security, Blockchain और AR/VR जैसी तकनीकों से जुड़े 500 से अधिक इंडस्ट्री-अलाइन कोर्स उपलब्ध हैं। 

👩‍💻 महिलाओं और छोटे शहरों की भी बड़ी भागीदारी

FutureSkills PRIME से जुड़े उम्मीदवारों में 41 प्रतिशत महिलाएं हैं। वहीं 86 प्रतिशत से अधिक उम्मीदवार Tier-2 और Tier-3 शहरों से हैं। इससे छोटे शहरों के युवाओं तक डिजिटल स्किलिंग की पहुंच बढ़ने का संकेत मिलता है। 

🏔️ हिमालयी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों पर भी फोकस

उत्तर-पूर्वी और हिमालयी क्षेत्रों में 33,000 से अधिक उम्मीदवारों ने प्रशिक्षण या एनरोलमेंट कराया है, जबकि 16,000 से ज्यादा उम्मीदवारों ने कोर्स पूरा कर प्रमाणपत्र हासिल किया है। 

इसके अलावा IndiaAI Mission के तहत Tier-2 और Tier-3 शहरों में AI प्रतिभा तैयार करने के लिए 27 IndiaAI Data and AI Labs स्थापित किए जा चुके हैं।

🎯 Future-Ready Workforce तैयार करना लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य AI, Cyber Security, Data Analytics, Cloud Computing और Semiconductor जैसी तकनीकों में युवाओं की क्षमता बढ़ाकर भारत की Future-Ready Digital Workforce तैयार करना है। FutureSkills PRIME के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में ₹137.17 करोड़ आवंटित किए गए हैं।





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भारत के IT एक्सपोर्ट को बड़ी रफ्तार, STP यूनिट्स ने FY26 में किया ₹7.73 लाख करोड़ निर्यात

8/14/2026 07:59:00 pm

 


भारत के IT एक्सपोर्ट को बड़ी रफ्तार, STP यूनिट्स ने FY26 में किया ₹7.73 लाख करोड़ का निर्यात

भारत के IT सेक्टर के लिए बड़ी खबर सामने आई है। Software Technology Park (STP) Scheme के तहत पंजीकृत यूनिट्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹7,73,898.97 करोड़ का निर्यात किया, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹6,88,194.11 करोड़ से काफी अधिक है। यह आंकड़ा अनुमानित है। 

📈 तीन साल में लगातार बढ़ा IT निर्यात

STP यूनिट्स के निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है—

  • 2023-24: ₹6,36,619.87 करोड़

  • 2024-25: ₹6,88,194.11 करोड़

  • 2025-26: ₹7,73,898.97 करोड़ (अनुमानित)

FY26 में STP यूनिट्स की संख्या बढ़कर 2,125 हो गई। इसी अवधि में इन यूनिट्स का कुल निवेश ₹7,362.86 करोड़ रहने का अनुमान है। 

🏆 कर्नाटक सबसे आगे

राज्यों में कर्नाटक STP निर्यात के मामले में सबसे आगे रहा। FY26 में कर्नाटक की STP यूनिट्स ने ₹3,50,184.78 करोड़ का निर्यात किया।

इसके बाद महाराष्ट्र ₹1,62,594.11 करोड़ और तेलंगाना ₹1,13,101.83 करोड़ के साथ प्रमुख राज्यों में रहे। 

💻 IT कंपनियों के लिए प्रक्रियाएं हुईं आसान

सरकार ने STPI के माध्यम से IT निर्यातकों के लिए कई प्रक्रियाओं को डिजिटल और सरल बनाया है। SOFTEX फाइलिंग और मंजूरी को ऑनलाइन एवं ऑटोमेटेड किया गया है। STPI सिस्टम को RBI के Export Data Processing and Monitoring System (EDPMS) से भी जोड़ा गया है, जिससे निर्यात संबंधी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप से तेजी से साझा हो रही है। 

सरकार के अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य भारत के सॉफ्टवेयर और IT-enabled services के निर्यात को बढ़ावा देना और Ease of Doing Business को मजबूत करना है। 


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