इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में सोमवार से मरीजों से पर्ची की फीस लेना शुरू कर दिया है। पर्ची पंजीकरण के लिए दस रुपए शुल्क तय किया गया है। आईजीएमसी में मरीजों का पर्ची काउंटर पर ही पर्ची का शुल्क लिया जाएगा। सोमवार को जब पर्ची का शुल्क लिया तो मरीज भी चौंक गए क्योंकि अभी तक आईजीएमसी में मरीजों की सुविधा को देखते हुए यहां निशुल्क ही पर्ची बनाई जा रही थी। रोगी कल्याण समिति यानी आरकेएस की ईसी की बैठक में यह फैसला लिया है। अस्पताल में सेवाएं और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ बनाने के लिए यह निर्णय लिया है।
साथ ही पंजीकरण शुल्क लगाने का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित करना और संसाधनों की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। अस्पताल में होने वाली अनावश्यक भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए भी यह फैसला लिया है। आईजीएमसी में अभी तक निशुल्क होने वाले डायग्नोस्टिक टेस्ट और एक्स-रे टेस्ट की कितनी फीस ली जानी है, यह प्रस्ताव गवर्निंग बाडी की मीटिंग में तय होगा। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि गवर्निंग बॉडी की मीटिंग जल्द की जाएगी। अस्पताल में रोजाना हजारों मरीज उपचार कराने आते हैं। रोजाना पर्ची काउंटर पर पुरुष, महिलाओं और बच्चों की भीड़ लगी रहती है। ऐसे में इस शुल्क से अस्पताल और साथ ही मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
जिला के अन्य अस्पतालों में पहले ही हो चुकी शुरुआत
आईजीएमसी में शोमवार यानी पांच जनवरी से पर्ची पर शुल्क लागू किया है। वहीं, जिले के अन्य प्रमुख अस्पतालों में यह व्यवस्था पहले ही लागू हो चुकी है। अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान (चमियाणा अस्पताल) में 15 मई 2025 से पर्ची शुल्क की शुरुआत की जा चुकी है। वहां पर मरीजों द्वारा ओपीडी की पर्ची बनाने के लिए पंजीकरण शुल्क दिया जा रहा है और यह प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। इसके अलावा दीन दयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल (रिपन) में छह जून 2025 से यह व्यवस्था लागू की गई है और वहां भी अब पंजीकरण शुल्क लिया जा रहा है।
अस्पताल में पर्चियों की फीस लेना शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य सुविधा को सुदृढ करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। साथ ही अस्पताल में अनावश्यक भीड़ के नियंत्रण के लिए भी यह फैसला लिया गया है।
-डाक्टर राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमससी।
Reviewed by SBR
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January 06, 2026
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