बघाट बैंक की एजीएम में बैंक को वित्तीय संकट से उबारने के साथ रिवाइव करने और पहले की तरह चलाने को लेकर प्राथमिकता तय की गई। मंगलवार को बैंक अध्यक्ष अरुण शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वित्तीय संकट से उबारने के लिए को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान बैंक की स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। बैठक में तकरीबन सभी डेलिगेट्स ने बैंक को संकट से उबारने के लिए सही कदम उठाने को लेकर सहमति दी। डेलिगेट्स का कहना था कि पहली प्राथमिकता होनी चाहिए कि बैंक का रिवाइवल हो और पहले की तरह इसे चलाया जाए। बैंक के शेयरहोल्डर डेलीगेट महेंद्र नाथ सोफत ने कहा कि बघाट बैंक इस समय वेंटिलेटर पर है और इसे इस संकट से बाहर निकालने के लिए बड़े ऑपरेशन की जरूरत है। डेलीगेट विशाल ने बैठक में कहा कि बैंक को इस स्थिति में पहुंचाने के लिए लोन वितरण में बरती गई खामियां भी जिम्मेदार हैं। लोन वितरण में जिन अधिकारियों ने अनियमिताएं बरती हैं उनका आज तक पता नहीं चल पाया है।
जबकि मीडिया और एआरसीएस के माध्यम से यह बात है सामने आ रही है कि लोन वितरण में खामियां रही हैं। सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि लोन वितरण को लेकर जांच तेज की जानी चाहिए। इसकी जांच एसआईटी से करवाई जानी चाहिए। बैठक में यह भी बताया गया की 29 केस विजिलेंस के पास चल रहे हैं। डेलिगेट्स ने इन केसों में तेजी लाने की मांग की। बघाट बैंक का एनपीए 138 करोड रुपए तक पहुंचने पर गत वर्ष अक्तूबर माह में आरबीआई ने 6 माह की कैंपिंग लगा दी थी। आरबीआई ने अपना बैंक के कर्मचारियों को सभी काम छोडक़र पूरा फोकस लोन रिकवरी पर लगाने के निर्देश दिए थे।
अब रिकवरी पर फोकस करेगा बघाट बैंक
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February 18, 2026
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